Tuesday, Sep 25, 2018

DUSU चुनाव परिणाम, EVMs मशीनों पर कांग्रेस, AAP ने उठाए सवाल

  • Updated on 9/13/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ (DUSU) चुनावों में भले ही अखिल भारतीय विधार्थी परिषद (ABVP) ने 3 सीटों पर जीत दर्ज की हो, लेकिन इसको लेकर भी सवाल उठ खड़े हुए हैं। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने ईवीएम से चुनाव कराने पर सवाल उठाते हुए चुनावी गड़बड़ी की आशंका जाहिर की है। वहीं, डूसू और जेएनयू छात्र नेताओं ने भी चुनाव परिणामों पर सवालिया निशान लगाए हैं।

 DUSU चुनाव में ABVP ने फिर मारी बाजी, रिजल्ट पर उठे गंभीर सवाल

बता दें कि ABVP ने इस बार के चुनाव में तीन अहम सीटों पर जीत दर्ज की है। NSUI को सिर्फ एक सीट से संतोष करना पड़ा है। खास बात यह है कि लेफ्ट और आम आदमी पार्टी की छात्र इकाई संगठन को डूसू चुनाव से मुंह की खानी पड़ी है। डूसू चुनाव में अध्यक्ष पद पर ABVP प्रत्याशी अंकित बसोया ने विजय हासिल की है। डूसू उपाध्यक्ष पद पर ABVP के शक्ति सिंह ने जीत दर्ज की, वहीं सचिव पद पर एनएसयूआई के आकाश चौधरी ने बाजी मारी। संयुक्त सचिव पद पर ABVP की ज्योति चौधरी जीती। 

बाबा रामदेव बोले- पीएम मोदी को महंगाई की आग बुझानी पड़ेगी, नहीं तो....

दरअसल, इस बार के चुनाव में ईवीएम मशीनों के इस्तेमाल पर भी सवाल उठ खड़े हुए हैं। हैरानी है कि चुनाव आयोग ने भी ईवीएम मशीनों के इस्तेमाल पर सवाल खड़े करते हुए खुद को इससे अलग कर लिया है। साथ ही जांच की बात कही है। खास बात यह है कि चुनाव आयोग को भी नहीं पता कि ईवीएम मशीनों का इस्तेमाल कैसे किया गया। 

चंद्रशेखर 'रावण' को आजाद करेगी योगी सरकार, लंबे समय से बंद है जेल में

आम आदमी पार्टी के नेता गोपाल राय ने तो सवाल खड़ा किया है कि जब दिल्ली यूनिवर्सिटी में ही ईवीएम से चुनाव सुचारू और पारदर्शी तरीके से नहीं हो सकते, ऐसे में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराना कहां तक संभव है। एक साथ चुनाव कराने को गोपाल राय ने भाजपा की जुमलेबाजी करार दिया है। 

जस्टिस रंजन गोगोई इस दिन संभालेंगे देश के अगले मुख्‍य न्‍यायाधीश का कार्यभार

यूथ कांग्रेस ने भी चुनाव परिणाम और ईवीएम पर सवाल उठाए हैं। अपने ट्वीट में कांग्रेस लिखती है, 'आखिर कैसे 10वें नंबर पर वोट किया जा सकता है, जब कुल नौ उम्मीदवार ही मैदान में थे। भारत आखिर ईवीएम गढ़बड़ी का कब तक शिकार बनता रहेगा। लोकतंत्र की फिर से हत्या हुई है?'

केजरीवाल सरकार को राहत, CCTV कैमरे लगाने के खिलाफ याचिका खारिज

6 राउंड के बाद मतगणना रोकने के सवाल पर एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष फैरोज खान ने कहा कि जब आठ ही प्रत्याशी हैं तो ऐसे में 10वें उम्मीदवार को वोट कैसे पड़े। कल तक सभी मशीनें सही थीं। इसमें पुलिस-प्रशासन संलिप्त है। 

जेएनयू छात्र नेता शहला राशिद ने भी डूसू चुनाव पर अपनी राय जाहिर की है। वह अपने ट्वीट में लिखती हैं, 'यूनिवर्सिटी चुनाव में 9 मशीनों का खराब होना बड़ी बात है। इससे पूरी प्रक्रिया की वैधता पर ही सवाल खड़े होते हैं। डूसू चुनाव 2018 फिर से कराए जाने चाहिए। इस बार बैलट पेपर या वीवीपैट के इस्तेमाल के साथ। आखिर इस प्रक्रिया पर कौन भरोसा कर सकता है?' 
 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.