Sunday, Jun 13, 2021
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रहन-सहन के मामले में पिछड़ा PM मोदी का संसदीय क्षेत्र, पढ़ें टॉप 10 शहरों की सूची

  • Updated on 8/14/2018

नई दिल्ली/ नवोदय टाइम्स।  रहने के लिए बेहतर शहरों में दिल्ली 65वें स्थान पर है। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के राज्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को पहला ईज ऑफ लिविंग इंडेक्स (जीवन सुगमता सूचकांक) को पेश किया। जिसमें दिल्ली, चेन्नई, कलकत्ता जैसे मेट्रो शहर को टॉप दस शहरों में स्थान नहीं मिला है।

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पहले स्थान पर पुणे रहा है, नवी मुंबई व ग्रेटर मुंबई को दूसरा व तीसरा स्थान हासिल हुआ है, तिरुपति चौथे स्थान पर रहा है और चंडीगढ़ को पांचवा स्थान हासिल हुआ है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस सर्वेक्षण में कलकत्ता ने शामिल होने से ही इंकार कर दिया। उत्तर प्रदेश के रामपुर शहर को इंडेक्स में सबसे निचला स्थान मिला है।

केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सूचकांक जारी करते हुए बताया कि ईज ऑफ लिविंग इंडेक्स तैयार करने के दौरान बीस अलग-अलग मानकों पर विभिन्न मानदंडों के आधार पर तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर शुरू किये गए अभियान में भविष्य में अब देश भर के सभी शहरों को शामिल किया जाएगा। 

पुरी ने कहा कि देश के चारों महानगरों में केवल मुंबई ही ईज ऑफ लिविंग इंडेक्स के मानकों पर खरी उतर सकी है। सर्वेक्षण के लिए शासन, सामाजिक संस्थाओं, आर्थिक एवं भौतिक अवसंरचना श्रेणियों के आधार पर शहरों का स्थान तय किया गया। अन्य मानकों में प्रशासनिक  सहूलियतें,आधारभूत ढांचागत सुविधाएं, सामाजिक व आर्थिक सुविधाओं के मामले में भी दिल्ली को टॉप दस शहरों में स्थान नहीं मिल सका। केवल सार्वजनिक खुले इलाके(पब्लिक ओपन स्पेस) मामले में ही दिल्ली को पहला स्थान हासिल हुआ है। चेन्नई को 14वें स्थान पर संतोष करना पड़ा है।

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कहां-कहां पिछड़ी दिल्ली

1.12 करोड़ की आबादी वाले दिल्ली समेत 116 शहरों को इस सूचकांक सर्वे में शामिल करने की प्रक्रिया आरंभ की थी। सूचकांक में सिर्फ सार्वजनिक खुले इलाके (पब्लिक ओपन स्पेस) के मामले में दिल्ली पहले स्थान पर रही। लेकिन स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में सबसे पीछे अर्थात 111वें स्थान पर, अर्थ एवं रोजगार के मामले में 109वें, शिक्षा और प्रदूषण गिरावट के मामले में 100वें, बिजली आपूर्ति के मामले में 101वें, सुरक्षा के मामले में 65वें, जलापूर्ति के मामले में 57वें, ठोस कचरा प्रबंधन के मामले में 50वें और पानी को दोबारा प्रयोग में लाने के प्रबंधन मामले में 25वें स्थान पर रही।  मंत्री के अनुसार नई दिल्ली के प्रदर्शन में शहर के सभी पांचों स्थानीय निकायों, सिविक एजेंसियों का समग्र प्रदर्शन शामिल है

समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं
नेता प्रतिपक्ष एवं भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता  ने कहा कि  मेरा मानना है कि आप सरकार के शासन के साढ़े तीन वर्ष गुजरने के बाद दिल्ली में ईज ऑफ लिविंग के स्थान पर टफ लिविंग का सामना लोगों को करना पड़ रहा है। लगातार समस्याएं बढ़ रही हैं। जहां तक बात है अलग-अलग सिविक एजेंसियों के दिल्ली में कार्य करने की तो अन्य कई शहरों में भी नगर निगम में किसी अन्य दल के पास अधिकार होता है और राज्य में किसी अन्य की सरकार होती है। ऐसे में केजरीवाल सरकार को जवाब देना होगा कि आखिर वह दिल्ली को किस स्तर पर पहुंचा रहे हैं और उन्होंने क्या वायदा किया था। 

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टॉप दस शहरों  की सूची
पुणे,नवी मुंबई, ग्रेटर मुंबई, तिरुपति, चंडीगढ़, ठाणे, रायपुर, इंदौर, विजयवाड़ा, भोपाल

पीएम के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को मिला 33 वां स्थान
प्रधानमंत्री मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी भी इस सूचकांक में 33वें स्थान को हासिल कर सका है। वाराणसी में सर्वे के लिए अन्य मानकों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन ठोस कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में चौथे स्थान पर रहा, जबकि सुरक्षा (103वां), शिक्षा (100वां), प्रशासनिक सुविधाओं (46वां), संस्कृति व पहचान (34वां), स्वास्थ्य सुविधाओं (50वां), अर्थ व रोजगार (48वां) स्थान मिला है। 

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