Monday, Jan 30, 2023
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आर्थिक पैकेज पर सीतारमण की तीसरी प्रेस कांफ्रेंस के ये हैं 10 खास बिंदु

  • Updated on 5/15/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। कोरोना संकट को देखते हुए केंद्र की मोदी सरकार ने 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज के ऐलान के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज अपनी तीसरी प्रेस वार्ता में भी कृषि क्षेत्र पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान 5000 करोड़ की अतिरिक्त लिक्विडिटी का फायदा किसानों को पहुंचाया गया है। प्रेस वार्ता में उन्होंने कई योजनाओं का ऐलान भी किया। इससे पहले सीतारमण दो प्रेस कांफ्रेंस में आर्थिक पैकेज की दो किस्तों पर विस्तार से चर्चा कर चुकी हैं। एक नजर तीसरी प्रेस कांफ्रेंस के 10 खास बिंदुओं पर :-

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- गंगा नदी के किनारे 800 हेक्टेयर जमीन पर हर्बल प्रॉडक्ट्स के लिए कॉरिडोर तैयार किया जाएगा। 

- किसानों की फिक्सड आय, रिस्क फ्री फार्मिंग और क्वालिटी के स्टेंडर्ड करने के लिए एक कानून बनाया जाएगा। इससे किसानों का शोषण रोका जा सकेगा। 

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- इसके साथ ही वित्त मंत्री ने कहा कि सप्लाई चेन को दुरुस्त करने के लिए सरकार 500 करोड़ रुपये की मदद देगी।

- सरकार आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन करने जा रही है। इसके साथ ही तिलहन, दलहन, आलू आदि जैसे उत्पादों को इसके जरिए डि-रेग्युलेट किया जा सकेगा। 

-सीतारमण ने बताया कि मधुमक्खी पालन के लिए 5,00 करोड़ की योजना भी सरकार लाई है। इससे मधुमक्खी पालन के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा। 

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- सरकार ने हर्बल खेती के विस्तार के लिए 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। करीब 10 लाख हेक्टेयर में हर्बल उत्पादों की खेती की जाएगी। इससे 5,000 करोड़ की इनकम किसानों को सीधे होगी। 

- इसके साथ ही सरकार ने 53 करोड़ पशुओं के टीकाकरण की योजना भी बनाई है। इसमें करीब 13,343 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 

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- केंद्र सरकार ने पीएम मत्स्य संपदा योजना भी शुरू की है। इसके लिए 20,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे समुद्री और अंतर्देशीय मत्स्य पालन को फायदा होगा। इसके लिए 9,000 करोड़ रुपये बुनियादी ढाचे के विकास में लगाए जाएंगे। 

- माइक्रो फूड इंटरप्राइज के लिए 10,000 करोड़ की योजना भी लाई गई है। इससे बिहार में मखाना क्लस्टर, कश्मीर में केसर, केरल में रागी, आंध्र प्रदेश में मिर्च और उत्तर प्रदेश में आम से जुड़े क्लस्टर को तैयार किया जा सकेगा। 

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- निर्मला सीतारमण ने कहा कि स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग के लिए 10  लाख करोड़ रुपये दिए गए हैं। कृषि का आधारभूत ढांचा मजबूत करने के लिए 1 लाख करोड़ की योजना सरकार लेकर आई है। 

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