Monday, Nov 29, 2021
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राजीव कुमार का अगले वित्त वर्ष के लिए अनुमान, कहा- कोविड-पूर्व के स्तर पर पहुंचेगी अर्थव्यवस्था

  • Updated on 12/7/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। देश की आर्थिक वृद्धि दर अगले वित्त वर्ष (2021-22) के अंत तक कोविड-19 के पूर्व के स्तर पर पहुंच जाएगी। नीति आयोग (Niti Ayog) के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने यह बात कही। कुमार ने कहा कि चालू वित्त वर्ष 2020-21 में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में गिरावट 8 प्रतिशत से कम रहने का अनुमान है।

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आर्थिक वृद्धि दर में गिरावट
भारतीय रिजर्व बैंक (आर.बी.आई.)ने भी चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर में गिरावट के अनुमान को 9.5 प्रतिशत से घटकर 7.5 प्रतिशत कर दिया है। 

कुमार ने अगले वित्त वर्ष के लिए वृद्धि दर के अनुमान के बारे में पूछे जाने पर कहा, हम निश्चित रूप से 2021-22 के अंत तक कोविड-19 के पूर्व के स्तर पर पहुंच जाएंगे।

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उम्मीद से बेहतर सुधार
उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने विनिर्माण गतिविधियां बढऩे से चालू वित्त वर्ष की सितम्बर तिमाही में उम्मीद से बेहतर सुधार दर्ज किया है। जुलाई-सितम्बर तिमाही में अर्थव्यवस्था में गिरावट घटकर 7.5 प्रतिशत रह गई है। बेहतर उपभोक्ता मांग से आगे अर्थव्यवस्था की स्थिति और सुधरने की उम्मीद है। 

संपत्ति के मौद्रिकरण पर कुमार ने कहा, यह काम मौजूदा समय में जारी है और इस पर उच्च स्तर से ध्यान दिया जा रहा है। हम इस काम को जारी रखेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि संपत्ति के मौद्रिकरण लक्ष्य को हासिल किया जा सके।

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विनिवेश से 2.10 लाख करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य 
सरकार का चालू वित्त वर्ष में विनिवेश से 2.10 लाख करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य है। इसमें से 1.20 लाख करोड़ रुपए केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (सी.पी.एस.ई.) में हिस्सेदारी बिक्री से और 90,000 करोड़ रुपए वित्तीय संस्थानों में सरकार की हिस्सेदारी बिक्री से जुटाए जाएंगे। 

बैंकिंग क्षेत्र के सुधारों के बारे में पूछे जाने पर नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि इस क्षेत्र का और विस्तार किए जाने की जरूरत है और साथ ही प्रतिस्पर्धा भी बढ़ाने की जरूरत है क्योंकि देश का निजी ऋण से सकल घरेलू उत्पाद (जी.डी.पी.) अनुपात काफी कम है। वहीं अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं के मामले में यह 100 प्रतिशत से 
अधिक है।

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