Wednesday, Jan 26, 2022
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शिक्षा विभाग के दावे निकले खोखले, बच्चों की थाली तक नहीं पहुंचे सरकार के तीन सेब

  • Updated on 9/22/2018

नई दिल्ली/उमा मिश्रा। दिल्ली सरकार के स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों की थाली तक वो तीन सेब आज तक नहीं पहुंचे, जिन्हें देने का वादा कभी शिक्षा विभाग ने किया था। यह फरमान मार्च माह में शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी किया गया था।

जारी फरमान के मुताबिक, सभी बच्चों को महीने में तीन सेब दिए जाने थे। लेकिन आज तक कोई भी फल मिड-डे मील में नहीं दिया गया। जिस कारण बच्चों की सेहत के प्रति विभाग की लापरवाही साफ नजर आ रही है।

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पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी दिल्ली सरकार ने अपने बजट के दौरान बच्चों को एक फल देने का वादा किया था। जो कि आज तक पूरा नहीं किया गया है। शिक्षकों ने बताया कि पिछले वर्ष सरकार द्वारा बच्चों को केले और अंडे देने की बात कही गई थी, लेकिन पूरा वर्ष बीत जाने के बाद भी विभाग द्वारा न तो कोई फल दिया गया और न ही इसके लिए कोई सर्कुलर ही जारी किया गया।

समयपुर सर्वोदय विद्यालय के शिक्षक संजय कुमार का कहना है कि सरकार फरमान तो जारी कर देती है लेकिन उसे लागू नहीं करती है। उन्होंने कहा कि सेब मिलने की बात का सभी बच्चे और शिक्षक सम्मान और इंतजार कर रहे थे। लेकिन आज तक मिड डे मील के सिवाय बच्चों को फल व अंडे नहीं दिए गए और न ही कभी इस मामले में कोई दूसरा फरमान विभाग ने जारी किया।

शिक्षकों का कहना है कि मिड-डे मील में अगर गड़बड़ी होती है तो उसकी सजा भी शिक्षकों को ही दी जाती है, न कि सप्लाई करने वाली संस्था को। शिक्षकों ने बताया कि हाल ही में मिड-डे मील में कई खामियां होने के कारण बच्चों को अस्पताल में भर्ती तक कराना पड़ा था। लेकिन विभाग ने मिड-डे मील सप्लाई करने वाली एनजीओ पर न तो कोई जुर्माना लगाया और न ही उसका लाइसेंस कैंसिल किया।उनके मुताबिक पिछले वर्ष भी कई ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। 

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इस मामले में शिक्षा विभाग के जोनल अधिकारियों का कहना है कि उन्हें सेब न देने का कोई कारण मालूम नहीं है। सरकार की नीति है और ऊपर से जो ऑर्डर उनके पास आते हैं, उन्हें वह लागू करने पड़ते हैं। 

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