विधायकों के सवाल हल नहीं कर पाये शिक्षामंत्री, अरविंद पांडे को पक्ष-विपक्ष के सदस्यों ने घेरा

  • Updated on 12/6/2018

देहरादून/ब्यूरो। स्कूलों में जाकर शिक्षकों से सवाल पूछे वाले शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे विधानसभा में विधायकों की ओर से पूछे गये सवाल हल नहीं कर पाये। शिक्षा मंत्री को विपक्ष के साथ ही सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी खूब उलझाया।मंत्री संतोषजनक जवाब नहीं दे पाये तो नेता प्रतिपक्ष ने पीठ से मांग करते हुए कहा कि जवाब निरस्त किये जायें और मंत्री दोबारा तैयारी करके आयें।

कांग्रेस की ममता राकेश की ओर से संस्कृत महाविद्यालयों में शिक्षकों की कमी को लेकर सवाल उठाया गया था। कईं सदस्यों ने इसमें अनुपूरक सवाल पूछे। जवाब देते हुए संस्कृत शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे बार-बार उलझते रहे। सदस्य संतुष्ट नहीं हुए तो नेता प्रतिपक्ष इंदिरा ह्रदयेश ने यह जवाब निरस्त करने की मांग की। 

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सुरेंद्र सिंह जीना की ओर से खेल सुविधाओं को लेकर उठाये गये सवाल पर भी मंत्री फंसते दिखे। मंत्री प्रदेश के खेल मैदान और स्टेडियम गिनाये तो प्रीतम सिंह ने सवाल पू्छ लिया कि इनमें कितना खर्च हुआ है। इस पर मंत्री निरुत्तर हो गये। खेलों को लेकर महेश नेगी की ओर से पूछे गये सवाल पर भी मंत्री स्पष्ट उत्तर नहीं दे पाये।

मंत्री पर गलत जवाब देने का आरोप
कांग्रेस विधायक मनोज रावत ने शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे पर सदन में गलत जवाब देने का आरोप लगाया। उन्होंने इसे विशेषाधिकार का हनन बताया। मंत्री ने सदन को जानकारी दी कि पाठ्यपुस्तकों का पैसा छात्रों के खातों में जा चुका है। मनोज रावत ने कहा कि उन्होंने जानकारी ली है, सभी छात्रों को पैसा नहीं मिला। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा ह्रदयेश ने पीठ से हस्तक्षेप की मांग की। पीठ ने कहा कि इसका परीक्षण कराया जायेगा। अगर उत्तर गलत पाया गया तो मंत्री स्पष्टीकरण  देंगे।

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