Sunday, Sep 19, 2021
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education ministry refuses to change the entrance examination of jee and neet kmbsnt

शिक्षा मंत्रालय ने JEE व NEET की प्रवेश परीक्षा में बदलाव से किया इनकार

  • Updated on 1/20/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। आईआईटी (IIT) में दाखिले के लिये आयोजित होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) और चिकित्सा संकाय में दाखिले के लिये होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के पाठ्यक्रम वर्ष 2021 में अपरिर्वितत रहेंगे। छात्रों के जेईई और नीट परीक्षा में सीमित प्रश्नों का उत्तर देने का विकल्प दिया जाएगा।

शिक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। शिक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार कि जेईई-मेंस 2021 का पाठ्यक्रम पिछले वर्ष के समान ही रहेगा। हालांकि छात्रों को प्रश्नपत्र के 90 सवालों में से 75 सवालों का जवाब देने का विकल्प होगा। प्रश्नपत्र में 90 सवालों में 30-30 सवाल गणित, रसायन शास्त्र और भौतिकी से रहेंगे और उनमें से 75 सवालों (25-25 सवाल गणित, रसायन शास्त्र और भौतिकी) से देने होंगे।

मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि नीट (यूजी) 2021 परीक्षा के पैटर्न की अभी घोषणा की जानी है। देश के कुछ बोर्डों द्वारा पाठ्यक्रम कम करने को ध्यान में रखते हुए नीट (यूजी) 2021 प्रश्नपत्र में भी जेईई मेंस की तर्ज पर विकल्प दिये जाएंगे। गौरतलब है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने पिछले महीने घोषणा की थी कि जेईई (मेन) के संबंध में प्राप्त सुझावों के आधार कुछ फैसले किये गए हैं और अब परीक्षा चार बार आयोजित की जाएगी।

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एक साल में 4 बार होगी JEE Main परीक्षा
जेईई-मेंस परीक्षा साल में चार बार आयोजित होगी और पहले सत्र में इसका आयोजन 23 से 26 फरवरी 2021 तक होगा।यह परीक्षा चार सत्रों में फरवरी, मार्च, अप्रैल और मई में आयोजित होगी। यह परीक्षा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा ली जायेगी। यह विभिन्न पालियों में आयोजित की जायेगी। इससे छात्रों को अंक सुधारने में मदद मिलेगी। निशंक ने बताया कि इसमें विभिन्न बोर्डों के निर्णयों को ध्यान में रखा गया है। इसके तहत प्रश्नपत्र में 90 प्रश्न होंगे।  एनटीए ने तय किया है कि अभ्र्यिथयों को इनमें 75 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। 15 वैकल्पिक प्रश्न होंगे। मंत्री ने बताया कि परीक्षा का आयोजन 13 भाषाओं में होगा। उन्होंने दावा किया कि यह विश्व की सबसे बड़ी परीक्षा होगी। 

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कोरोना के चलते परीक्षा आयोजन में करना पड़ा दिक्कतों का सामना
बता दें कि इस साल कोरोना संक्रमण के प्रसार के चलते जेईई मेन का एग्जाम कराने में सरकार को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कोरोना संकट के बीच लाखों छात्रों की एक साथ परीक्षा व्यवस्था करने में सरकार को काफी काम करना पड़ा। इसके अलावा छात्रों के परिजन और छात्र स्वयं इस संकट काल में परीक्षा का विरोध करते रहे, हालांकि अंतत: पूरी सुरक्षा और कोविड नियमों का पालन करते हुए परीक्षा संपन्न कराई गई। 

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