Wednesday, Jun 16, 2021
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भारत में धोखाधड़ी के खिलाफ स्थायी लड़ाई में ईएफएल की अहम जीत

  • Updated on 11/23/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। हेल्थकेयर और हाइजीन कंपनी यूरेका फोर्ब्‍स लिमिटेड (ईएफएल) ने दिल्ली में 25 लाख रुपये के नकली उत्पादों का एक बड़ा स्‍टॉक जब्त किया है। मनोज सेठी धोखे से यूरेका फोर्ब्‍स का ब्राण्ड नेम कॉपी कर रहे थे और उन्होंने यूरेका फोर्ब्‍स के उत्पादों के कई विजुअल फीचर्स की नकल की थी। श्री मनोज सेठी के विरूद्ध द्वारका, दिल्ली के उत्तम नगर पुलिस स्टेशन में कॉपीराइट एक्ट और इंडियन पीनल कोड (आईपीसी) के अंतर्गत एक एफआईआर दर्ज कराई गई है।

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जब्त किये गये उत्पादों के विनिर्माताओं ने यूरेका फोर्ब्‍स और ‘एक्वागार्ड’ ब्राण्ड नेम्स का उपयोग कर और साथ ही स्टार एम्बलेम और माता तथा बच्चे का फोटो चुराकर ईएफएल के कॉपीराइट्स का उल्लंघन किया है। इसके अलावा, इस धोखाधड़ी में सिग्नैचर ब्लू-एंड-व्हाइट कलर स्कीम और फोन्ट स्टाइल की कॉपी की गई, जो स्पष्ट रूप से उपभोक्ताओं को भ्रमित करने का प्रयास है।

इतना ही नहीं, नकली स्पेयर पार्ट्स पर मैटेरियल के विनिर्माता के तौर पर यूरेका कॉ का नाम और पता है और शिकायत होने पर संपर्क के लिये यूरेका कॉ के कॉन्टैक्ट डिटेल्स और ईमेल आईडी दिये गये हैं। इस कारण ग्राहकों के लिये असली और नकली स्पेयर्स में अंतर करना कठिन हो गया और भोले-भाले ग्राहकों के साथ धोखा हुआ और उनके स्वास्थ्य के लिये बड़ा संकट भी उत्पन्न हुआ।

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इस तरह के नकली उत्पाद और धोखाधड़ी की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं और यूरेका फोर्ब्‍स ने ऐसे उत्पादों या प्यूरीफायर पार्ट्स पर शिकंजा कसने के लिये स्थायी प्रयास किये हैं। इसी प्रकार के मामलों में पूर्णिमा इंडस्ट्रीज, मुंबई और एक्वा केयर, बैंगलोर के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई थीं, जो धोखे से ग्राहकों को भ्रमित कर रहे थे।

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दिसंबर 2019 में ऐसी ही एफआईआर अहमदाबाद के ओधव पुलिस स्टेशन में अभिषेक ऊर्फ मनजीत कुशवाह और मैक्रो फिल्‍ट्रेशन लिमिटेड के मालिक श्री दिनेश कुमार के खिलाफ की गईं थीं, क्योंकि उनका कारखाना धोखाधड़ी, जालसाजी और कॉपीराइट का उल्लंघन कर रहा था। इस तरह की एजेंसियाँ कई उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को जोखिम में डाल देती हैं।

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