Thursday, Mar 04, 2021
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eight police officers suspended for attack temple pakistan pragnt

PAK: हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ करने पर हुई बड़ी कार्रवाई, 8 पुलिसकर्मी सस्पेंड

  • Updated on 1/4/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। पाकिस्तान (Pakistan) के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी के सदस्यों के नेतृत्व में भीड़ द्वारा एक हिंदू मंदिर (Hindu Temple) में तोड़फोड़ की घटना के बाद आठ पुलिस अधिकारियों को कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही बरतने के लिए निलंबित कर दिया गया।

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45 पुलिसकर्मी हुए सस्पेंड
पुलिस ने बताया कि अभी तक इस घटना के सिलसिले में 100 व्यक्ति गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इसमें से 45 व्यक्तियों को रविवार को गिरफ्तार किया गया। खैबर पख्तूनख्वा में करक जिले के टेरी गांव में एक भीड़ ने गत बुधवार को मंदिर के विस्तार कार्य के विरोध में उसमें तोड़फोड़ की थी और आग लगा दी थी। इस घटना के सिलसिले में दर्ज की गई प्राथमिकी में 350 से अधिक व्यक्ति नामजद हैं।

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100 व्यक्तियों को किया गिरफ्तार
पुलिस अधीक्षक (जांच) जहीर शाह ने बताया कि इस मामले में 100 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है जिनमें सात प्रमुख आरोपी शामिल हैं। वहीं प्राथमिकी में नामजद सभी 350 व्यक्तियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। गिरफ्तार किए गए प्रमुख व्यक्तियों में मौलाना अमानुल्लाह, मौलाना इमदादुल्लाह, मौलाना मतिउल्लाह, मौलाना मुहम्मद हकीम और मौलाना अनवर कामान शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को आतंकवाद रोधी अदालत (एटीसी) में पेश किया गया और अदालत ने उन्हें तीन दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

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इसलिए हुए निलंबित
करक के जिला पुलिस अधिकारी इरफानुल्लाह मारवत ने रविवार को आठ पुलिसकर्मियों को कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही के लिए निलंबित कर दिया। इस मंदिर में एक हिंदू धार्मिक नेता की समाधि भी थी। मंदिर की दशकों पुरानी इमारत के जीर्णोद्धार के लिए हिंदू समुदाय ने स्थानीय अधिकारियों से अनुमति ली थी। कुछ स्थानीय मौलवियों और जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम पार्टी (फजल उर रहमान समूह) के समर्थकों की अगुवायी में भीड़ ने पुराने ढांचे के साथ-साथ नए निर्माण कार्य को ध्वस्त कर दिया था। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के नेताओं ने मंदिर पर हमले की कड़ी निंदा की है।

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भारत ने भी दर्ज कराया मुकदमा
भारत ने भी मंदिर में तोडफ़ोड़ की घटना को लेकर पाकिस्तान के समक्ष विरोध दर्ज कराया है और इस घटना के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। सूत्रों ने नई दिल्ली में शुक्रवार को बताया था कि राजनयिक माध्यम से पाकिस्तान के समक्ष विरोध दर्ज कराया गया है। खैबर-पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री महमूद खान ने आश्वासन दिया है कि उनकी सरकार क्षतिग्रस्त मंदिर और समाधि का जल्द से जल्द पुर्निनर्माण कराएगी।

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समिति का हुआ गठन
मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से शनिवार देर जारी अधिसूचना के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा सरकार ने मंदिर को हुए नुकसान के आकलन के लिये चार सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति हिंदू समुदाय के साथ विचार-विमर्श कर मंदिर के पुर्निनर्माण के लिए योजना भी तैयार करेगी। समिति से 10 दिन में अपना कार्य पूरा करने को कहा गया है। पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने स्थानीय प्राधिकारियों को इस घटना से संबंधित मामले में पांच जनवरी को पेश होने का आदेश दिया है।

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75 लाख हिंदू रहते हैं पाक में
अदालत ने अल्पसंख्यक अधिकारों को लेकर एक सदस्यीय आयोग, मुख्य सचिव और प्रांत के पुलिस महानिरीक्षक को निर्देश दिया कि वे स्थल का दौरा करें और चार जनवरी को एक रिपोर्ट प्रस्तुत करें। हिंदू समुदाय पाकिस्तान का सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समुदाय है। आधिकारिक अनुमान के अनुसार, पाकिस्तान में 75 लाख हिंदू रहते हैं, लेकिन समुदाय का कहना है कि देश में 90 लाख से अधिक हिंदू रह रहे हैं। पाकिस्तान में हिंदुओं की अधिकतर आबादी सिंध प्रांत में रहती है। वे अतिवादियों द्वारा परेशान किए जाने की अक्सर शिकायत करते हैं।  

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