Monday, Aug 02, 2021
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Elderly Kanta Prasad of Babas Dhaba attempted suicide hospitalized in critical condition prshnt

बाबा के ढाबा वाले बुजुर्ग कांता प्रसाद ने की खुदकुशी की कोशिश, नाजुक हालत में अस्पताल में भर्ती

  • Updated on 6/18/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। बाबा के ढाबा वाले बजुर्ग कांता प्रसाद ने आज आत्महत्या करने की कोशिश की है। नाजुक हालत में कांता प्रसाद को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती किया गया है। पुलिस ने बताया कि गुरुवार रात पीसीआर को कॉल आई कि किसी ने आत्महत्या करने की कोशिश की है। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो देखा कि वे 80 वर्षीय कांता प्रसाद हैं। कांता की पत्नी बादामा देवी ने पुलिस को बताया कि उनके पति पिछले कुछ दिनों से तनाव में थे। जानकारी मिली है कि उन्होंने नींद की गोलियां खाईं, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई। जिसके बाद उन्हें तुरंत दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। पुलिस इस मामले की आत्महत्या की कोशिश के नजरिए से जांच कर रही है।

हाल ही में उन्होंने उस यूट्यूबर से माफी मांगी थी जिन्होंने पहले लॉकडाउन के वक्त बाबा का वीडियो बनाया था जिसके बाद कांता प्रसाद रातोंरात फेमस हो गए थे। फेम मिलने से पहले प्रसाद दक्षिणी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में सड़क किनारे अपना ढाबा चला रहे थे।

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पिछले साल लॉकडाउन के दौरान सुर्खियों में आए था बाबा का ढाबा
दरअसल पिछले साल लॉकडाउन के दौरान जब कई लोगों की आर्थिक स्थिति बुरी तहर से प्रभावित हुई थी, उस दौरान सुर्खियों में आए 'बाबा का ढाबा' रेस्टोरेंट नुकासन के बाद अब बंद हो गया है। सोशल मीडिया पर एक छोटी सी खाने की दुकान (बाबा का ढाबा) चलाने वाले कांता प्रसाद को इतना लाभ हुआ कि उन्होंने अपना रेस्टोरेंट खोल दिया।

एक युवक ने जब बुजुर्ग दंपत्ति को कोरोना काल में मेहनत करते और दुकान पर ग्राहकों के इंतजार में देखा तो उसने सोशल मीडिया में इनके ढाबे का प्रचार किया। इसके बाद इनके ढाबे में खाने वालों की लाइन लग गई। इससे इनको इतना मुनाफा हुआ कि पिछले साल दिसंबर में इन्होंने अपना एक रेस्टोरेंट खोल लिया।

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एक साल में हुआ इतना घाटा 
अभी एक साल भी पूरा नहीं हुआ और कांता प्रसाद को अपना रेस्टोरेंट बंद करना पड़ा। इनका कहना है कि इन्होंने ढाबे में एक लाख रुपये निवेश किए थे, लेकिन उससे केवल 35 हजार रुपये की ही कमाई हो सकी। इस वजह से उन्हें रेस्टोरेंट बंद करना पड़ा। कांता प्रसाद का कहना है कि अब मैं अपने पुराने ढाबे को चलाकर ही खुश हूं। जब तक जिंदा रहूंगा तब तक यही ढाबा चलाऊंगा। 

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