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election commission also happy with supreme court decision on criminalization in politics

राजनीति में अपराधीकरण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से चुनाव आयोग भी खुश

  • Updated on 2/15/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। चुनाव आयोग (Election Commission) ने शुक्रवार को कहा कि वह राजनीति के अपराधीकरण के संबंध में उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) के आदेश का पूरे दिल से स्वागत करता है। इसके साथ ही आयोग ने कहा कि न्यायालय का आदेश चुनावी लोकतंत्र में सुधार के लिए नए नैतिक मापदंडों की स्थापना में अहम भूमिका निभाएगा। 

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नैतिक मापदंड तय करने में मिलेगी मदद
चुनाव आयोग ने एक बयान में कहा कि वह उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद मतदाताओं की जानकारी के लिए उम्मीदवारों और संबंधित राजनीतिक दलों द्वारा आपराधिक अतीत का प्रचार सुनिश्चित करने की खातिर 10 अक्तूबर 2018 के निर्देशों को फिर से जारी करेगा। नवम्बर 2018 से सभी चुनावों में अक्तूबर 2018 के निर्देशों को लागू किया जा रहा है। 

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चुनाव निकाय ने बयान में कहा कि अब आयोग ने इन निर्देशों को उपयुक्त संशोधनों के साथ फिर से जारी करने का प्रस्ताव किया है ताकि न्यायालय के के निर्देशों का अक्षरश: पालन किया जा सके। आयोग ने अक्तूबर 2018 में चुनाव लडऩे वाले उम्मीदवारों के लिए अनिवार्य कर दिया था कि वे चुनाव के दौरान कम से कम तीन बार टेलीविजन और अखबारों में अपने आपराधिक अतीतों का विज्ञापन करें। 

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आयोग ने स्पष्ट किया था कि उम्मीदवारों को अपने आपराधिक अतीत के बारे में टीवी और अखबारों में विज्ञापन देने का खर्च वहन करना होगा क्योंकि यह चुनाव खर्च की श्रेणी में आता है। न्यायालय के आदेश पर आयोग ने कहा कि वह इस ऐतिहासिक आदेश का पूरे दिल से स्वागत करता है।

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