Thursday, Feb 27, 2020
Election Commission''s letter to former Chief Election Commissioner S Y Quraishi

EC का पूर्व आयुक्त को पत्र, कहा- कार्रवाई आपने नहीं की, हमें जिम्मेदार क्यों ठहरा रहे हैं

  • Updated on 2/15/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Assembly Election) के दौरान राजनितिक पार्टियों द्वारा प्रचार में दिए गए नफरत भरे भाषणों के मामले में सजा को लेकर चुनाव आयोग (Election Commission of India) और आयोग के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई कुरैशी (S. Y. Quraishi) के बीच सवाल-जबाव का सिलसिला जारी है।

कुरैशी ने आयोग पर आरोप लगाया है कि नफरते भरे भाषणों के पर सही सजा नहीं दी गई। वहीं चुनाव आयोग ने इस आरोप से इंकार किया है। आयोग ने कहा कि जब कुरैशी आयोग की अगुवाई कर रहे थे तब जनप्रतिनिधित्व कानून और आईपीसी के तहत नेताओं के खिलफ कोई कार्रवाई नहीं की गयी।

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आचार संहिता के उल्लघंन पर रिपोर्ट
चुनाव आयोग ने पूर्व चुनाव आयुक्त को एक लेकर में लिखे गए उनके आलोचनात्मक लेख के लिए पत्र भेजा है। सीनिनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर डॉ. संदीप सक्केना ने पत्र में लिखा कि, चुनाव आयोग 11 फरवरी 2020 से पहले कराए गए आम चुनाव और विधानसभा के दौरान आदर्श आचार संहिता का उल्लघंन करने के दौरान आदर्श आचार संहिता का उल्लघंन करने वालों के खिलाफ की कार्रवाई पर एक रिपोर्ट प्रकाशित करने की योजना बना रहा है।

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आचार संहिता के तहत जारी नोटिस
चुनाव आयोग ने पत्र में लिखा कि जब आप चुनाव आयुक्त के कार्यलय का कामकाज देख रहे थे। उस दौरान आयोग द्वारा आदर्श आचार संहिता के तहत जारी नोटिसों और कार्रवाई की सूची संलग्न है।

उन्होंने आगे लिखा कि आप कृपा करके पढ़ सकते हैं। संलग्न सूची से देखा जा सकता है कि तत्कालीन आयोग ने इस अवधि में जन प्रतिनिधित्व कानून 1951 की धाराओं 123 और 125 के तहत तथा आईपीसी की धारा 153 के तहत कोई कार्रवाई नहीं की।


 

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