Saturday, May 15, 2021
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दिल्ली चुनाव : चुनाव आयोग को और सख्ती की आवश्यकता

  • Updated on 1/29/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Assembly Election) में जिस तरह से प्रत्याशियों के बोल बिगड़ रहे हैं और वे बेलगाम होते जा रहे हैं उस पर चुनाव आयोग को  सख्त होना पड़ेगा। क्योंकि, अब ढिलाई से काम चलने वाला नहीं है। बता दें, जिस तरह से राजनीतिक पार्टियां और उसके प्रत्याशियों के चुनाव का तरीका बदल रहा है उसके तहत वे मर्यादाओं का हद पार करने लगे हैं। जुबान पर जो भी आया उसको उगलने में देर नहीं करते। यह नहीं सोचते कि इसके दूरगामी परिणाम क्या होंगे। उनको यह भी ज्ञान नहीं कि उनके बिगड़ते और उत्तेजित भाषणों से मामला बिगड़ भी सकता है। उनको इस बात का तनिक भी इल्म नहीं है।

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चुनाव आयोग ने लगाया लगाम
वहीं भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) है कि वह अपनी पुराने सिस्टम पर ही चल रहा है। ऐसे में यह कैसे कहा जा सकता है कि निर्वाचन विभाग निष्पक्ष चुनाव कराने का जो दावा कर रहा है उसमें उसको सफलता मिल भी पाएगी। यह निहायत देशहित में चिंता की बात है।

बात कर रहे हैं दिल्ली विधानसभा चुनाव भी की। इसी फर्क की तरफ ध्यान दिलाते हुए सेंटर फॉर अकाउंटेबिलिटी ऐंड सिस्टमेटिक चेंज (सीएएससी) एवं उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के पूर्व डीजीपी डॉ.विक्रम सिंह ने अपने वकील डॉ. विराग गुप्ता के जरिए चुनाव आयोग को एक पत्र सौंपा है। इस पत्र में राजनीतिक पार्टियों की आइटी सेल्स, नियमों का उल्लंघन करती हुई बाइक रैलियों और रथ यात्रा, रोड शो पर लगाम लगाने का निवेदन किया गया है।

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सोशल मीडिया पर लगाम जरूरी
उप चुनाव आयुक्त संदीप सक्सेना (Sandeep Saxena) ने चुनाव आयोग की बैठक में इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा करने का आश्वासन दिया है। चुनाव आयोग को जो पत्र लिखी गयी है उसमें पांच मांगे की गई हैं। पहला है- राजनीतिक पार्टियों की आइटी सेल्स द्वारा पोस्ट की जाने वाली फर्जी और आपत्तिजनक खबरों पर चुनाव आयोग लगाम लगाए।

रिप्रजेंटेशन ऑफ द पिपल एक्ट-1951 के तहत इस तरह के मामलों पर लगाम लगाने का प्रावधान मौजूद है। हाल ही में आई एमनेस्टी इंटरनेशनल रिपोर्ट का हवाला भी पत्र में दिया गया है। रिपोर्ट में दर्ज आंकड़े बताते हैं कि लोकसभा चुनाव-2019 के दौरान हरेक भारतीय महिला उम्मीदवारों ने रोजाना सौ आपत्तिजनक ट्वीट अपने ट्विटर हैंडल के जरिए प्राप्त किए हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर लगाम लगाना बेहद जरूरी है। 

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