Sunday, Jan 23, 2022
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चुनाव आयोग ने नए दलों के पंजीकरण नियमों में किया बदलाव, AAP ने उठाए थे सवाल

  • Updated on 1/14/2022

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। निर्वाचन आयोग ने कोविड-19 के कारण लागू पाबंदियों से आ रही दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए पांच चुनावी राज्यों में नये राजनीतिक दलों के पंजीकरण नियमों में शुक्रवार को बदलाव करते हुए नोटिस अवधि को 30 दिनों से घटाकर सात दिन कर दिया है।

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एक बयान जारी कर निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा दिशा-निर्देशों के अनुसार पंजीकरण कराने की इच्छुक पार्टी को अपने गठन के 30 दिनों के भीतर आवेदन देना होता है। एक दिन पहले ही आम आदमी पार्टी ने नए नियमों को लेकर सवाल उठाए थे। नए नियम के तहत आवेदक से पार्टी का प्रस्तावित नाम दो राष्ट्रीय और दो स्थानीय अखबारों में दो दिन प्रकाशित कराने को कहा जाता है।

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पार्टी के प्रस्तावित पंजीकरण के संबंध में कोई आपत्ति होने पर नोटिस प्रकाशित होने के 30 दिनों के भीतर उसे दर्ज कराया जा सकता है। यह रेखांकित करते हुए कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर में विधानसभा चुनावों के लिए कार्यक्रम की घोषणा आठ जनवरी को की जा चुकी है, निर्वाचन आयोग ने कहा, ‘‘आयोग के संज्ञान में लाया गया है कि कोविड-19 के कारण लागू मौजूदा पाबंदियों के मद्देनजर, पंजीकरण के आवेदन संबंध प्रक्रिया में देरी हो रही है, इस कारण राजनीतिक दलों के पंजीकरण में भी देरी हो रही है।’’ 

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सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद आयोग ने छूट दिया है और आठ जनवरी से उससे पहले सार्वजनिक नोटिस प्रकाशित करने वाले दलों के लिए नोटिस की अवधि 30 दिनों से कम करके सात दिन कर दिया है। 

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बयान के अनुसार, ‘‘जिन दलों ने आठ जनवरी से सात दिन पहले सार्वजनिक नोटथ्स प्रकाशित किया है, उनके संबंध में कोई भी आपत्ति होने पर उसे 21 जनवरी शाम 5:30 तक या फिर पुरानी 30 दिन की अवधि, जो भी पहले हो, तक दर्ज कराया जा सकता है।’’ बयान में कहा गया है कि बिहार, असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान भी निर्वाचन आयोग ने महामारी के मद्देनजर नोटिस अवधि में छूट दी थी।

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