Tuesday, Jun 28, 2022
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बिहार: छठे चरण में इन सीटों पर होगा मतदान, महागठबंधन ने बदले सियासी समीकरण

  • Updated on 5/7/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। 2019 के लोकसभा चुनाव (Loksabha Election) के पांचवें चरण के मतदान 6 मई को समाप्त हो गए। अब 12 मई को छठे चरण के चुनाव होने वाले हैं। बिहार में छठे चरण में 8 सीटों पर मतदान होने वाला है। ये सीटें हैं- वाल्मीकिनगर, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, वैशाली, गोपालगंज, सीवान और महाराजगंज। इस बार बिहार में कांटें की टक्कर देखने को मिलेगी। बता दें कि 2014 के चुनाव में इन सभी सीटों पर एनडीए ने अपना कबजा कायम किया था। वहीं इस बार एनडीए (NDA) के सामने महागठबंधन दीवार बनकर खड़ा है।

इस बार के बिहार के चुनाव में खास बात ये है कि इस बार एनडीए ने अपने 8 सांसदों में से 4 सिटिंग सांसदों के टिकट काट दिए। इसका एक कारण गठबंधन के लिए जेडीयू (JDU) को इनमें जगह देना बताया जा रहा है। जिनमें बीजेपी के 3 तो एलजेपी के एक सांसद का टिकट काटा गया है। ये टिकट सीवान, गोपालगंज, वैशाली और वाल्मीकिनगर सीट से कटे हैं। हालांकि टिकट काटे जाने के बावजूद भी ये सांसद इन चुनावों में बेहद ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हैं।

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गठबंधन से बदल रहा जमीनी गणित
जहां 2014 में इन 8 सीटों पर बीजेपी (BJP) की धाक थी, वहीं इस बार बदले सियासी समीकरण के कारण बीजेपी के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है। दरअसल, यहां बड़ी पार्टियों ने क्षेत्रीय पार्टियों के साथ गठबंधन कर लिया है, जिसके बाद जमीनी गणित बदलता नजर आ रहा है।

क्या एनडीए जीत पाएगी वाल्मीकिनगर की सीट
बिहार के चंपारण जिले की वाल्मीकिनगर (Valmikinagar) सीट 2009 में अस्तित्व में आई। जिसमें एक बार जेडीयू और बीजेपी ने यहां पर चुनाव जीते। वहीं इस बार ये दल साथ आ गए हैं। गठबंधन कर इन दोनों पार्टियों ने इस बार जेडीयू के वैद्यनाथ प्रसाद महतो को चुनावी मैदान में उतारा है। पिछली बार इस सीट से बीजेपी ने जीत हासिल की थी। इस बार यहां पर कांग्रेस और आरजेडी साथ आई हैं, जिससे मुकाबला कांटें की टक्कर का हो गया है।

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महागठबंधन के निशाने पर पश्चिमी चंपारण का किला
पश्चिमी चंपारण (West Champaran) बीजेपी की सीट बीजेपी का अभेद्य किला मानी जाती है। यहां से पिछले दो बार से बीजेपी के उम्मीदवार डॉ. संजय जायसवाल जीतते आ रहे हैं। यहां से पिछले दोनों चुनावों में उन्होंने बॉलीवुड के फेम्स फिल्म निर्देशक प्रकाश झा को हराया था। वहीं एक बार फिर बीजेपी ने डॉ. संजय जायसवाल (Dr. Sanjay Jaiswal) पर दांव खेला है। वहीं महागठबंधन की ओर से रालोद और सपा से डॉ. ब्रजेश कुमार कुशवाहा को चुनावी मैदान में उतारा है।

पूर्वी चंपारण में बीजेपी की मजबूत दीवार के सामने महागठबंधन का पेच
एक बार फिर पूर्वी चंपारण (East Champaran) से बीजेपी के सबसे मजबूत उम्मीदवार राधा मोहन सिंह दांव खेल रहे हैं। बता दें कि केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह इस सीट से 5 बार सांसद रह चुके हैं। उनके सामने रालोद और सपा के आकाश कुमार सिंह हैं। आकाश राज्यसभा सांसद और बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष अखिलेश सिंह के बेटे हैं। यहां से सीपीआई के उम्मीदवार प्रभाकर जायसवाल भी मैदान में हैं। 2014 के चुनाव में राधामोहन सिंह आरजेडी के विनोद कुमार श्रीवास्तव से लगभग दोगुने मतों के अंतर से यहां से जीते थे।

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आरजेडी की अंदरुनी लड़ाई बिगाड़ सकती है शिवहर में मामला
शिवहर (Sheohar) बिहार का सबसे छोटे जिला है। इस सीट पर दो बार से बीजेपी का कब्जा है। एक बार फिर रमा देवी को यहां से बीजेपी ने टिकट दिया है। सबसे छोटी सीट होने के बावजूद इस बार यहां पर लड़ाई सबसे बड़ी है। इस सीट पर महागठबंधन की तरफ से आरजेडी के सैयद फैजल अली चुनौती देने उतरेंगे। बता दें फैजल अली पत्रकार रहे हैं। इसी सीट से अपने समर्थक अंगेश कुमार को टिकट दिलाने के लिए तेजप्रताप यादव (TejPratap Yadav) ने आरजेडी में बगावत की थी। हालांकि, बाद में अंगेश कुमार का नामांकन रद्द हो गया।

क्या फिर वैशाली में फिर होगा राजपूतों का कब्जा
बिहार का वैशाली (Vaishali) जिला राजपूत बहुल है। अगर यहां के इतिहास को देखा जाए तो यहां से 12 में से 10 बार राजपूत उम्मीदवारों की ही जीत हुई है। यहां से आरजेडी के रघुवंश प्रसाद सिंह लगातार 5 बार सांसद रहे हैं। लेकिन 2014 के चुनाव में उन्हें एलजेपी नेता और बाहुबली रामा सिंह ने हरा दिया था। इस बार एनडीए की ओर से वीणा देवी चुनाव मैदान में हैं तो आरजेडी ने फिर से रघुवंश प्रसाद सिंह को चुनावी मैदान में उतारा है।

एससी वर्ग के लिए सुरक्षित गोपालगंज सीट
लालू यादव का पैतृक जिले के नाम से जाना वाला गोपालगंज लोकसभा चुनावों में एक बार फिर सियासत का केंद्र बन गया है। बता दें गोपालगंज लोकसभा सीट एससी वर्ग के लिए सुरक्षित है। हालांकि यहां ब्राह्मणों की भी बड़ी तादाद है जिससे यहां मुकाबला रोचक रहता है। 2014 के चुनावों में यहा से बीजेपी उम्मीदवार जनक राम ने जीत हासिल की थी लेकिन इस बार जनक राम एनडीए की ओर से मैदान में हैं। वहीं जेडीयू के अजय कुमार उनका सामना करने मैदान में उतरेंगे।

 सीवान में बाहुबलियों की पत्नियों के बीच मुकाबला
सीवान (Siwan) लोकसभा सीट पर इस बार दो महिलाओं के बीच मुकाबला है। आरजेडी की ओर से बाहुबली शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब मैदान में है, तो वहीं जेडीयू ने बाहुबली नेता अजय सिंह की पत्नी कविता सिंह को टिकट दिया है। बता दें बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन यहां से 4 बार सांसद रह चुके हैं और उनकी पत्नी तीसरी बार चुनाव लड़ रही हैं। हालांकि, वे कभी यहां से जीत नहीं सकी हैं। लेकिन जानकारों का मानना है कि इस बार यहां मुकाबला टक्कर का होने वाला है।

महाराजगंज सीट से आरजेडी का राजपूत वोटों पर दांव
2014 के चुनाव में महाराजगंज (Maharajganj) सीट से जनार्दन सिंह सिग्रीवाल बीजेपी के टिकट पर जीतकर सांसद बने थे। 2014 के चुनाव में बीजेपी के जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने दबंग छवि के प्रभुनाथ सिंह को मात दी थी। बता दें इस सीट पर राजपूत समुदाय से आने वाले बाहुबली नेता प्रभुनाथ सिंह की अच्छी पकड़ मानी जाती है। इस बार आरजेडी ने प्रभुनाथ सिंह के बेटे रणधीर सिंह को सिग्रीवाल के खिलाफ मैदान में उतारा है। यहां मुकाबला बेहद ही दिलचस्प होने वाला है।

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