Sunday, May 22, 2022
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चुनावी अखाड़ा : 73 से 55, अभी और बदलेगा प्रत्याशियों का आंकड़ा, बागियों को मनाने की कोशिशें

  • Updated on 1/25/2022

नई दिल्ली/टीम डिजीटल। जनपद गाजियाबाद में चुनाव मैदान के समीकरण और आंकड़े बदलने का सिलसिला बदस्तूर चल रहा है। सिर्फ 5 दिन के भीतर प्रत्याशियों की संख्या 73 से घटकर 55 हो गई। नामांकन पत्रों की जांच के बाद यह संख्या बदली है। बदलाव का यह क्रम अभी जारी रहने की उम्मीद है। दरअसल 27 जनवरी नाम वापसी की अंतिम तिथि है। 

विधान सभा चुनाव की सरगर्मी
ऐसे में कुछ प्रत्याशियों द्वारा स्वेच्छा से मैदान छोड़ने की चर्चाएं चल रही हैं। फिलहाल मोदीनगर सीट पर सबसे कम 7 और गाजियाबाद सीट पर सबसे ज्यादा 14 प्रत्याशी हैं। 21 जनवरी तक प्रत्याशियों की संख्याबल के हिसाब से गाजियाबाद और साहिबाबाद बराबर थे। दोनों सीट पर 18-18 उम्मीदवार ताल ठोक रहे थे। गाजियाबाद जिले में विधान सभा की 5 सीट के लिए कुल 73 प्रत्याशियों ने नामांकन किया था। 

गाजियाबाद सीट पर सर्वाधिक प्रत्याशी
14 से 21 जनवरी के मध्य पर्चे दाखिल किए गए थे। 21 जनवरी तक की बात करें तो लोनी में 13, साहिबाबाद-गाजियाबाद में 18-18, मुरादनगर में 16 व मोदीनगर में कुल 8 प्रत्याशी थे। 24 जनवरी को नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी होने के बाद यह आंकड़ा एकाएक बदल गया। चुनाव मैदान में अब 73 की बजाए 55 उम्मीदवार रह गए हैं। लोनी में 11, साहिबाबाद में 13, गाजियाबाद में 14, मुरादनगर में 10 और मोदीनगर में 7 प्रत्याशी हैं। 

27 जनवरी को परिवर्तन की संभावना
मुरादनगर में सर्वाधिक 6 प्रत्याशियों के पर्चे रिजेक्ट किए गए हैं। मौजूदा आंकड़ों पर गौर फरमाएं तो गाजियाबाद सीट पर सबसे अधिक व मोदीनगर में सबसे कम प्रत्याशी रह गए हैं। प्रत्याशियों की मौजूदा संख्या में अभी और कमी आने की संभावना से इंकार नहीं किया जा रहा है। दरअसल 27 जनवरी नाम वापसी का अंतिम दिन है। 

बागियों पर डोरे डाल रही भाजपा
अगले 2 दिन में कुछ प्रत्याशियों के मैदान छोड़ने की चर्चाएं जोरों पर चल रही हैं। सूत्रों का कहना है कि चुनाव मैदान में उतरे बागियों को मनाने की कोशिशों में भाजपा जुटी है। बागियों की घर वापसी कराने में यदि भाजपा कामयाब नहीं होती तो उसे नुकसान उठाना पड़ सकता है। गाजियाबाद, साहिबाबाद और लोनी में भाजपा को बगावत का सामना करना पड़ रहा है।
 

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