Sunday, Jul 03, 2022
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Emphasis on construction keeping in mind the standard in Central Vista project

सेंट्रल विस्टा परियोजना में मानक को ध्यान में रखते हुए निर्माण पर जोर, गणतंत्र दिवस की परेड आयोजित क

  • Updated on 12/2/2021

नई दिल्ली / निशांत राघव।   सेंट्रल विस्टा परियोजना में निर्माण कार्य पर भले ही कुछ भी सवाल उठ रहे हों, लेकिन हकीकत यह है कि इस परियोजना का संबंध सीधेतौर पर देश के गौरव के साथ भी जुड़ा हुआ है। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामला मंत्रालय की तरफ से साफतौर पर कहा गया है कि इस परियोजना में लगभग 60 फीसदी भौतिक प्रगति भी हो चुकी है। योजना है कि राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक फैले सेंट्रल विस्टा परियोजना में नव-विकसित राजपथ पर 2022 गणतंत्र दिवस परेड आयोजित की जाए। इसे लेकर केंद्र सरकार की तरफ से विशेष योजना भी बनाई है। 

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दरअसल संसद में एक सवाल के जवाब में केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर ने कहा कि नई संसद भवन परियोजना को अक्टूबर 2022 तक पूरा किया जाना है। इसमें करीब 35 प्रतिशत भौतिक प्रगति हासिल कर ली गई है। इससे पूर्व केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी पिछले दिनों कहा था कि अगले वर्ष संसद का शीतकालीन सत्र नए संसद परिसर में होगा। 
मंत्री कौशल किशोर ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में सेंट्रल विस्टा के विकास, पुर्नविकास कार्य के लिए 1,289 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।  मंत्री ने कहा कि इन कार्यों ने 10,000 से अधिक कुशल, अर्ध-कुशल और अकुशल श्रमिकों को साइट और ऑफ  साइट पर प्रत्यक्ष आजीविका के अवसर प्रदान किए हैं और 24.12 लाख से अधिक मानव दिवस रोजगार पैदा किए हैं।


डीडीए की लैंड पूलिंग पॉलिसी में करीब 7 हजार हेक्टेयर भूमि पंजीकृत
लोगों को किफायती दर एवं मनपसंद आवास उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई लैंड पूलिंग पॉलिसी में फिलहाल किसी प्रकार का कोई संशोधन नहीं होगा। अब तक इस पॉलिसी के अधीन सभी 104 गांवों के अंतर्गत अलग-अलग जोन में शामिल इलाकों में 6,936.6 हेक्टेयर भूमि पंजीकृत हुई है। इसके लिए कुल 6649 आवेदन डीडीए को मिले हैं। 

शहरी विकास मंत्री ने कहा 

मंत्री कौशल किशोर ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पॉलिसी में शामिल जोन- एल, एन, के-आई, पी-आई और पी-द्वितीय में 104 गांवों के लिए भूमि नीति में भागीदारी के लिए पोर्टल 24 दिसंबर तक फिर से खोला गया है। मंत्री ने कहा कि लैंड पूलिंग पॉलिसी में भूमि नीति या उसके नियमों में संशोधन का कोई प्रस्ताव नहीं है। इसके अलावा डीडीए ने सूचित किया है कि अभी तक कोई भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया भी इसमें शुरू नहीं की गई है। मंत्री ने कहा कि पॉलिसी में निर्धारित जोन में सबसे अधिक भूमि(3372.8) एन जोन में मिली है। जबकि जोन पी-1 में अब तक कोई जमीन पंजीकृत नहीं हुई है और जे जोन में महज 3.7 हेक्टेयर भूमि ही पंजीकृत हुई है। 

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