Thursday, Feb 02, 2023
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employed parents should adopt healthy habits in daily life

नौकरीशुदा पेरेंट्स को रोजाना में अपनानी चाहिए स्वस्थ आदतें

  • Updated on 8/10/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कामकाजी पेरेंट्स हमेशा अपने काम, घरेलू ज़रूरतों और बच्चों को एक साथ सँभालते हैं। इस प्रक्रिया में काम की जिम्मेदारी और परिवार की ज़रूरतों के कारण अनेक कामकाजी पेरेंट्स परेशान और निराश हो जाते हैं। इस स्थिति को सँभालने का सबसे बढ़िया तरीका है एक निश्चित दिनचर्या बनाना।

इससे महत्वपूर्ण चीजों की प्राथमिकता तय करने, तनाव से मुक्त होने और परिवार तथा दोस्तों के साथ हितकर समय बिताने में मदद मिलेगी। हालाँकि, ऐसी परिस्थितियाँ आ सकती हैं जब दिनचर्या गड़बड़ा सकती है, लेकिन परिवार के प्रत्येक सदस्य द्वारा दिनचर्या का पालन करने से तनाव और बोझ कम किया जा सकता है। परिवारों को अत्यावश्यक ज़रूरतों को पूरा करने के लिए लचीलेपन और एडजस्‍टमेंट का दृष्टिकोण अपनाना चाहिए तथा समय-सारणी में बदलाव करने से हिचकना नहीं चाहिए। ऐसा तब हो सकता है जब कार्य सम्बन्धी या पारिवारिक आकस्मिकता आती है या कोई बच्चा बीमार हो जाता है जिसे घर में देखभाल की ज़रुरत होती है।

नियमित रूप से साधारण दिनचर्या का पालन करने से तंदुरुस्त रहने के दीर्घकालीन लाभ सुनिश्चित होते हैं। अपनी जीवनशैली में स्वास्थ्यकर उत्पादों को शामिल करने से न केवल हम स्वस्‍थ बने रहेंगे, बल्कि हमें मानसिक शान्ति भी मिलेगी। रोजमर्रा की कुछ आदतें हैं जिन्हें हर कामकाजी पेरेंट्स को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए :
संतुलित भोजन करें : नाश्ता प्रोटीन से भरपूर होना चाहिए। प्रोटीन की उच्च मात्रा वाले आहार लेने से हममें ऊर्जा बनी रहती है और भूख के बिना काम करने में आसानी होती है। सलाद खाना फायदेमंद होता है क्योंकि वे प्राकृतिक और कार्बनिक होते हैं। घर में बना भोजन करें जिससे कि हम उसके गुणवत्ता के बारे में निश्चिन्त हो सकते हैं।

नियमित रूप से व्यायाम करें : एक सप्ताह में कम-से-कम 5 बार व्यायाम करने से हम स्वस्थ और ऊर्जावान बने रहते हैं। सुबह टहलना और व्यायाम करने से हमारा ऊर्जा-स्तर बढ़ता है, रोग-प्रतिरोधक तंत्र बेहतर बनता है और सामान्य मानसिक गतिविधियों में सुधार होता है। एक दिन में 40-45 मिनट तक का शारीरिक परिश्रम आपकी ऊर्जा का स्तर उन्नत करता है।

पानी पियें : एक दिन में 8 से 10 गिलास पानी पीने से हमारे शरीर से विषैले पदार्थों को निकालने में मदद मिलती है। इससे शरीर में पाने का अनुपात संतुलित रहता है और वजन कम करने में भी मदद मिल सकती है। सादे पानी के अलावा हमें फलों का रस, नारियल पानी, दूध, जड़ी-बूटियों की चाय (हर्बल टी) भी लेना चाहिए। ज़रा-सा डिहाइड्रेशन भी मनोदशा और एकाग्रचित्तता (कंसन्‍ट्रेशन) को कमजोर कर सकता है। बहुत ज्यादा कॉफ़ी पीने से परहेज करें।

यथोचित नींद : रात में अच्छी नींद से हमारी मनोदशा, याद्दाश्‍त और एकाग्रचित्तता बेहतर बनती है, और नई चीजें सीखने में मदद मिलती है। लम्बे समय में हृदयरोग का ख़तरा कम होता है और स्वास्थ्य की स्थिति बढ़िया रहती है। एक रात में 7 से 9 घंटे की नींद उपयुक्त है। बढ़िया आराम के लिए सोने के समय का सख्ती से पालन करें, यानी कि हर रोज सोने जाने और जागने की एक निश्चित समय-सारणी पर दृढ़ रहे।

नींद में बाधा होने या गहरी नींद के बिना जागने से हमारा पूरा दिन खराब हो जाता है। सही मैट्रेस (गद्दा) से गहरी और बाधारहित नींद में मदद मिल सकती है। इसलिए अपने शरीर की ज़रुरत के आधार एक सही मैट्रेस का होना महत्वपूर्ण है । सेंचुरी का ऑर्थो ऐक्टिव मैट्रेस एक बहुत बढ़िया विकल्प है। यह मैट्रेस कॉइर और रीबॉन्‍डेड फोम की परतों के कारण पीठ और शरीर को शानदार सपोर्ट प्रदान करते हैं। (Mr. Uttam Malani Executive Director)

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