Monday, Nov 28, 2022
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Entrepreneurs shouted to save the industries

उद्योगों को बचाने के लिए उद्यमियों ने भरी हुंकार, सरकारी आदेश के खिलाफ सड़कों पर उतर जताया विरोध

  • Updated on 9/28/2022

नई दिल्ली/टीम डिजीटल। उद्योगों में लागू होने से पहले वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के आदेश का विरोध तेज हो गया है। उद्यमियों ने बुधवार को सड़कों पर उतर कर नाराजगी का इजहार किया। कार रैली निकाल कर विरोध-प्रदर्शन किया गया। 

उद्यमियों ने कहा कि सीएक्यूएम के मनमाने फरमान के कारण राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में सभी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम (एमएसएमई) उद्योग बंदी की कगार पर हैं। उद्योगों में एक अक्तूबर से पीएनजी संचालित जनरेटर की अनिवार्यता को वापस लेने अथवा जरूरी कदम उठाए जाने की पुरजोर मांग की। 

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के फरमान के खिलाफ 9 जिलों के उद्यमियों ने बुधवार को मेरठ में शक्ति प्रदर्शन कर अपनी आवाज को पुरजोर तरीके से उठाया। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के तत्वावधान में यह विरोध-प्रदर्शन किया गया। 

सीएक्यूएम ने एक अक्तूबर से एनसीआर के सभी उद्योगों में डीजल आधारित जनरेटर के प्रयोग पर रोक लगा दी है। जिस औद्योगिक क्षेत्र में एयर क्वालिटी इंडैक्स 300 से ज्यादा रहेगा, वहां पीएनजी संचालित जनरेटर का इस्तेमाल करना पड़ेगा। उद्यमियों ने कहा कि अधिकांश उद्यम 5 से 300 किलोवॉट तक के जनरेटर का प्रयोग करते हैं। 

जबकि 900 किलोवॉट से कम के पीएनजी संचालित जेनसेट का उत्पादन आज की तिथि में कोई भी निर्माता नहीं कर रहा है। उद्यमियों ने कहा कि सुचारू विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होने अथवा कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने तक उद्योगों में लगे जेनसेट पर पाबंदी नहीं लगाई जाए। 

आईआईए के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नीरज सिंघल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने सांसद राजेंद्र अग्रवाल के अलावा कमिश्नर कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। इस सिलसिले में उद्यमी अब केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात करने को प्रयासत हैं। रैली में गाजियाबाद के अलावा मेरठ, नोएडा, हापुड़, ग्रेटर, नोएडा आदि के उद्यमियों ने भाग लिया। 

इस मौके पर उद्यमी प्रदीप गुप्ता, मनोज कुमार, राकेश अनेजा, संजय अग्रवाल, अमित नागलिया, राजीव गोयल, प्रमोद जॉन आदि मौजूद रहे। आईआईए गाजियाबाद चैप्टर के चेयरमैन राकेश अनेजा ने कहा कि इन मांगों के समर्थन में संघर्ष जारी रहेगा।
 

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