ब्रिटेन में श्वेत सहकर्मियों से कम कमाते हैं जातीय अल्पसंख्यक शिक्षक :अध्ययन

  • Updated on 12/7/2018

 नई दिल्ली/टीम डिजिटल। बीबीसी के एक नये शोध में खुलासा हुआ है कि ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों में किसी जातीय अल्पसंख्यक पृष्ठभूमि के शिक्षकों की आय उनके श्वेत सहर्किमयों की तुलना में कम होती है। शोध के नतीजे शुक्रवार को जारी किये गये। इसमें पता चला कि ब्रिटेन के शीर्ष विश्वविद्यालयों में अश्वेत और जातीय अल्पसंख्यक तथा अरब के शिक्षक अपने श्वेत सहर्किमयों की तुलना में औसतन 26 प्रतिशत कम कमाते हैं।

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लीड्स यूनिर्विसटी में भारतीय मूल की शिक्षण शोधार्थी मीनाक्षी सरकार ने एक समाचार एजेंसी से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि सभी 100 मीटर की दौड़ लगा रहे हैं और मैं उनके साथ बाधा दौड़ लगा रही हूं।’’ उन्होंने भारत में सफल कारोबारी करियर छोड़कर नौकरी हासिल की लेकिन विश्वविद्यालय ने उन्हें सबसे कम वेतनमान में रखा जिसकी वजह से उन्हें आर्थिक रूप से संघर्ष करना पड़ रहा है।

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लीड्स विश्वविद्यालय ने कहा कि उसने मुद्दे को बहुत गंभीरता से लिया है। एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘इसलिए हम इस बात को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि सभी स्तर पर अश्चेत और जातीय अल्पसंख्यक कर्मचारियों को नियुक्त किया जाए और विभिन्न ग्रेडों में हमारे मौजूदा प्रतिनिधित्व में अंतराल को कम किया जाए।’’ 

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