Wednesday, Oct 16, 2019
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आतंकी हमले से बचना है तो पहले ऑनलाइन आतंकी सामग्री के प्रसार को रोको: EU

  • Updated on 7/17/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। पिछले कई दशकों से आतंकवाद विश्व की सबसे प्रमुख समस्या के रूप उभरा हुआ है। समय के साथ आधुनिक तकनीक के विकास में आतंकवाद भी हाईटेक हो गया है। आज के समय में सूचना क्रांति ने तो आंतकवादी संगठनों के काम करने के तरीकों को क्रांतिकारी तरह से बदला है। अब ऐसे संगठन अपने प्रसार के लिए धड़ल्ले से अॉनलाइन तौर-तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं।   

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गौरतलब है कि अपने प्रचार के लिए आतंकवादी नेटवर्क सबसे पहले चरमपंथी विचारधारा को इंटरनेट पर फैला रहा है। इसी तरह की विचारधारा के प्रभाव में पहले युवाओं का ब्रेन वॉश होता है और उसके बाद वे आतंकी संगठन का हिस्सा तक बन जाने को तैयार हो जाते हैं। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए यूरोपीय संघ के सुरक्षा प्रमुख ने सभी सदस्यों से साथ मिलकर काम करने की अपील की है।

यूरोपीय संघ के सुरक्षा प्रमुख ने संगठन के 28 सदस्यों से इंटरनेट पर अवैध चरमंपथी सामग्री का मुकाबला करने के लिए मिलकर काम करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट पर ऐसी सामग्री अत्याधिक मात्रा में है। सुरक्षा आयुक्त जूलियन किंग ने कहा कि पिछले एक साल से ज्यादा वक्त में यूरोप पर जो भी हमला हुआ है उसका कहीं न कहीं संबंध ऑनलाइन आतंकवादी सामग्री से रहा है।  

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उन्होंने आज कहा कि इस तरह की सामग्री को एक देश से दूसरे देश तक पहुंचने से रोकने के लिए ईयू के सभी सदस्यों को समन्वित तरीके से कार्रवाई करने की जरूरत है। किंग ने कहा कि यूरोप पर आतंकी हमले का खतरा उच्चतर स्तर पर बना हुआ है और जल्द ही इसके दूर होने की कोई संभावना भी नहीं दिखती है।

वैसे भी आज आतंकवादियों का अॉनलाइन नेटवर्क इतना मजबूत है कि एक जगह से निर्देश पाकर दूसरी जगह में वारदात करने की प्लानिंग आसानी से की जा रही है। ऐसे में पूरा यूरोप ही इसकी जद में है। 

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