Monday, Nov 29, 2021
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Exclusive Interview: केजरीवाल के मजाक का जवाब देने को तैयार दिल्ली की जनता- मनोज तिवारी

  • Updated on 1/23/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Assembly Election) में भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) का बड़ा नेता हो या बूथ स्तर का कार्यकर्ता, सभी जनसंपर्क और चुनाव प्रचार में जुटे हैं। सामने हैं आम आदमी पार्टी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी आप के मुखिया को चुनावी पंच मारने के लिए मुट्ठी बांधकर दिन रात एक किए हैं। नवोदय टाइम्स/पंजाब केसरी के दफ्तर पहुंचकर उन्होंने पूरी लड़ाई पर खुलकर बात की, प्रस्तुत हैं प्रमुख अंश:

- आम आदमी पार्टी कह रही है अच्छे बीते पांच साल, लगे रहो केजरीवाल। क्या कहेंगे?
अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) कन्फ्यूज हैं या फिर दिल्ली (Delhi) को कन्फ्यूज करना चाहते हैं। साढ़े चार साल तक कहा कि एलजी ने काम नहीं करने दिया, मोदी जी काम ही नहीं करने देते। अब कह रहे हैं, अच्छे बीते पांच साल। अब समझ में नहीं आ रहा है कि पहले वाला सही मानें कि लास्ट वाला। मैं समझता हूं दिल्ली बेहाल है और जैसे ही कोई कहता है अच्छे बीते पांच साल तो दिल्ली को गुस्सा आता है।

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यमुना नदी में गंदगी का अंबार है 
दिल्ली में शिक्षा की बात करिए तो तुरंत चर्चा होती है कि पांच लाख बच्चे फेल हो गए। उनको दोबारा प्रवेश नहीं मिला नवीं और ग्यारहवीं कक्षा में। अस्पताल बंद हो गए, डिस्पेंसरी को दुरुस्त नहीं किया गया। यमुना जी में गंदगी का अंबार बना हुआ है। जो बसें 2015 में साढ़े चार हजार थीं वह तीन हजार हो गईं। तो फिर अच्छा क्या है? ऐसे में कोई कहता है कि हमने अच्छा कर दिया तो लगता है कि वह दिल्ली के साथ मजाक कर रहा है और दिल्ली इस मजाक का जवाब देने को तैयार है। 

- केजरीवाल तो उपलब्धियां गिनाते हैं, बिजली फ्री, पानी फ्री, महिलाओं को बस यात्रा फ्री, अस्पताल बहुत अच्छे हैं। वह तो अब कह रहे हैं कि आम आदमी पार्टी कामों पर चुनाव लड़ रही है। लेकिन, सवाल उठता है कि आप किस बात पर चुनाव लड़ रहे हैं?
बिजली 200 यूनिट फ्री तीन महीने के लिए, बसों में बहनों को यात्रा फ्री तीन महीने के लिए। उन्होंने कहा था कि पानी फ्री कर देंगे, लेकिन जिस गली में जाइए लोग पानी का बिल लिए खड़े हैं। केजरीवाल ने कहा फ्री पानी का वादा किया था, जो पानी आ रहा है उसमें गटर का पानी आ रहा है, उससे हैजा हो रहा है डायरिया हो रहा है। बच्चे बीमार पड़ रहे हैं, मौत हो रही है। तो सही तो यह है कि पानी फ्री नहीं है, बीमारी फ्री है।

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मैं भी सवाल करता हूं केजरीवाल से
कितना फ्री कर दिया बिजली। अरे तीन महीने 200 यूनिट फ्री किया तो अधिक से अधिक 800 रुपए के हिसाब से 2400 रुपए की बिजली फ्री पांच साल में मुफ्त दे दी। बहनों को बस यात्रा फ्री कर दी तो 300 रुपए के हिसाब से तीन महीने में 900 रुपए की यात्रा फ्री कर दी। यही नहीं भाजपा ने तो बिजली के रेट 30 प्रतिशत कम करने का वादा किया था। जबकि केजरीवाल ने 50 प्रतिशत कम करने का वादा किया था।

क्या, 50 प्रतिशत 2400 रुपए होता है। पांच साल से क्या कर रहे थे केजरीवाल। जबकि अगर हमारी सरकार होती तो हम 30 प्रतिशत रेट कम करने के वादे को लागू करते और हर घर को कम से कम 15 हजार रुपए का लाभ होता। चाहे खर्च कितने भी यूनिट होता।
900 रुपए की फ्री यात्रा देकर 5 लाख का बीमा छीन लिया
केजरीवाल ने तो तीन महीने की बस यात्रा फ्री करके दिल्ली की बहनों से 5 लाख रुपए की मदद छीन ली। मोदी सरकार की पांच लाख तक के मुफ्त इलाज वाली आयुष्मान योजना को रोक दिया। बहने तो जननी भी होती हैं, यह योजना लागू होती तो प्रसव में होने वाले 50-60 हजार रुपए का खर्च उनको नहीं करना पड़ता। भाजपा की सरकार आते ही पांच लाख रुपए का कार्ड सभी जरूरतमंद लोगों को दिया जाएगा। 

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डर कर आयुष्मान योजना रोक दी केजरीवाल ने 
आयुष्मान योजना में लाखों लोगों को लाभ होता। इस कारण केजरीवाल डर गए कि यह योजना लागू कि तो मोदी जी का नाम हो जाएगा और उन्होंने इसे दिल्ली में लागू नहीं होने दिया। कम से कम उनको यह तो सोचना चाहिए था कि गरीबों का काम हो जाएगा। 

- केजरीवाल मोदी को भला बुरा कहते थे, लेकिन अब नहीं बोलते। क्या, दोनों में कुछ बातचीत हो गई है क्या?
संकट आने पर गिरगिट अपना रंग बदल लेता है। अरविंद केजरीवाल कल तक नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) को गाली देते थे। आज पीछे से छुरा घोंपने का काम कर रहे हैं। किसने दम दिया। किसके दम से भारत तेरे टुकड़े होने के नारे लग रहे हैं। किसके दम से कन्हैया जिसने कहा भारत की बर्बादी तक जंग रहेगी जारी, पर देशद्रोह का मुकदमा नहीं चलाने दे रहे हैं। वह एक बार एनओसी दे दें तो ऐसे लोगों को उनकी औकात पता चल जाएगी। क्या यह मोदी के समर्थक हो सकते हैं। 
2 लाख 48 हजार घरों का रजिस्ट्रेशन हो गया
कच्ची कॉलोनियों को हमने पक्का किया। मोदी सरकार ने वह काम तीन महीने में कर दिया जिसे आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने कई साल से लटकाकर रखा था। कच्ची कॉलोनियों में रहने वालों को डर था कि उनका घर टूट जाएगा, लेकिन अब रजिस्ट्री होने लगी हैं। लोगों को बहुत राहत मिली है। दो लाख अड़तालीस हजार घरों का रजिस्ट्रेशन हो गया है। पक्की रजिस्ट्री होनी और मिलनी शुरू हो गई है। लोगों को अब उनके घरों पर लोन मिलने लगा है।
- अरविंद केजरीवाल भी कह रहे हैं कि कच्ची कॉलोनियों की सूरत तो उन्होंने बदली है?
अरविंद केजरीवाल पहले कहते थे कि ठेका कर्मचारियों को पक्का कर देंगे, लेकिन जब उनकी सरकार आई तो उनकी नौकरियां जाने  लगीं। इनमें डीटीसी कर्मी, गेस्ट टीचर, सफाई कर्मचारी आदि हैं।

- प्रदूषण इतना बढ़ गया है कि लोग यहां से कहीं और जाकर बसने की सोच रहे हैं? 
प्रदूषण (Pollution) कम करने के लिए प्रदेश सरकार को काम करना होता है। लेकिन, दिल्ली के प्रदूषण को कम करने के लिए केन्द्र सरकार ने बड़ा काम किया। ईस्ट और वेस्ट पेरीफेरल रोड बनाकर 60000 ट्रकों को आगे जाने का नया रास्ता दिया। अब यह ट्रक दिल्ली के भीतर नहीं आते जिससे प्रदूषण कम हुआ।

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हमने बदरपुर का पावर प्लांट जो कोयले से चलता था, उसे बंद कर दिया। बवाना में गैस से चलने वाला प्लांट शुरू किया। हमने सिग्नेचर ब्रिज का प्रोजेक्ट पूरा कराया। शास्त्री पार्क का फ्लाईओवर पूरा होने वाला है। हम यातायात दबाव को कम करने में लगे हैं।

- टिकट बांटने में देरी क्यों हुई?
टिकट लेने के लिए लोगों की बड़ी संख्या थी। अच्छे प्रत्याशी हर सीट पर आधा दर्जन के करीब थे। इनमें से एक को चुनना कठिन था, इसलिए देर हुई।

- मैं पूछता हूं रिंकिया के पिता से केजरीवाल को क्या दिक्कत?
समय-समय पर केजरीवाल रंग बदलते रहते हैं और मुझे कहते हैं कि वह तो रिंकिया के पापा गाना गाते हैं। आखिर केजरीवाल को रिंकिया के पापा से दिक्कत क्या है। अरे बेटी का पिता होना गर्व की बात है कि ग्लानि की बात है। मैं गाता हूं ‘हे हे हे हंस देहले रिंकिया के पापा...’, मतलब रिंकी के पापा खुश हैं। और, केजरीवाल तंज कसते हैं।

अरे मुझे बेटी का पिता होने में गर्व है और मैं सच में भी सिंगल डॉटर का पिता हूं। यह बेटी से जुड़े गीत की कद्र नहीं करते तो बहन-बेटियों की सुरक्षा कैसे करेंगे। अरे वो मेरा वीडियो चुरा रहे हैं। मेरे ब्रांड का इस्तेमाल कर रहे हैं, इसीलिए मैंने उनके ऊपर 500 करोड़ का मुकदमा किया है। इन्होंने मेरे ब्रांड पर डकैती की है। कॉपीराइट का मामला है। 

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निर्भया के दोषियों को दो साल तक बचाया केजरीवाल सरकार ने
- दिल्ली में महिला सुरक्षा की स्थिति ठीक नहीं है, पुलिस तो आपके पास है फिर इस पर नियंत्रण क्यों नहीं लगा पा रहे हैं?

मोदी सरकार ने कानून बनाया और उसके तहत मध्य प्रदेश में पांच दिन में बलात्कार के आरोपी को फांसी की सजा हो गई। बड़ी बात यह है कि इस पॉक्सो कानून को मोदी सरकार ने बनाया। इतने सालों से मोदी का ही इंतजार किया जा रहा था। अब इस कानून के प्रचार प्रसार की जरूरत है। अब दिल्ली की बात देखिए निर्भया के गुनहगारों को फांसी दे दी जाती है 2017 में और दिल्ली सरकार के  जेल विभाग को दया याचिका आदि से संबंधित विकल्प की जानकारी तत्काल दोषियों को देनी थी।

लेकिन, केजरीवाल सरकार का जेल विभाग यह काम दो साल तक नहीं करता। एक तरफ दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल फांसी जल्दी देने की मांग करती हैं, और दूसरी तरफ गुनहगारों को दो साल तक सूचना तक नहीं दी जाती। ऐसा करके केजरीवाल सरकार ने दो साल तक निर्भया के गुनहगारों को दो साल तक फांसी से बचाया। यही नहीं एक लड़की जिसका शोषण आम आदमी पार्टी के विधायक ने किया तो केजरीवाल के पास गई।

इस पर केजरीवाल ने कहा था कि कंप्रोमाइज कर लो। इसके दूसरे दिन उस लड़की ने आत्महत्या कर ली। मरते वक्त लड़की ने बयान दिया था, केजरीवाल का नाम भी लिया था। लेकिन उस मुकदमे को केजरीवाल पूरा जोर लगाकर चलने नहीं देते।
370, सीएए, मंदिर, तीन तलाक पर गर्व है जनसंख्या नियंत्रण कानून भी आएगा
- आखिर शाहीन बाग में सीएए-एनआरसी का विरोध बंद क्यों नहीं हो रहा है? क्या आप समझा नहीं पा रहे हैं क्या?
यह विरोध हो नहीं रहा है, इसे कराया जा रहा है। स्टिंग ऑपरेशन सामने आया है कि रुपया देकर धरना दिलाया जा रहा है। बच्चों की आड़ में धरना दिया जा रहा है, बिरयानी बंट रही है। एक बच्ची वीडियो में कहती है कि नरेन्द्र मोदी और अमित शाह को मार डालो। क्या, वहां मोदी-शाह की हत्या की साजिश रची जा रही है। जो लोग इस तरह की साजिश में लगे हैं, उनकी पहचान की जा रही है। किसी को छोड़ा नहीं जाएगा। जिस तरह से विरोध करने वालों ने तोडफ़ोड़ की है, उसका जवाब मतदाता 8 फरवरी को देंगे। अरे सीएए नागरिकता देने का कानून है, छीनने का नहीं। इस पर भाजपा को गर्व है। हमें 370, सीएए, राम मंदिर, तीन तलाक पर गर्व है। मोदी सरकार जनसंख्या नियंत्रण कानून भी लेकर आएगी। देश जो चाहता है भाजपा वह करती है। दिल्ली में भी बहुत सारी समस्याएं हो गई हैं। इसे मोदी के नेतृत्व में दूर करेंगे।

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पांच साल में फेल हुए तो अब दे रहे हैं गारंटी
- केजरीवाल अब गारंटी कार्ड लेकर आए हैं। भाजपा की सरकार बनी तो उसकी तरफ से किस तरह की गारंटी दी जा रही है?

बड़ी बात यह है कि पांच साल पहले जो 70 वादे किए थे क्या वह गारंटी में नहीं थे। अच्छा पांच साल बाद गारंटी क्यों दी जा रही है। गारंटी कौन देता है, जब कोई दिवालिया हो जाता है तो वह गारंटी देने की बात करता है। जब गारंटर ही नहीं है तो गारंटी कैसे मिलेगी।

हमने केंद्र में करके दिखाया है दिल्ली में करेंगे
हर घर को नल से शुद्ध जल देने की गारंटी दे रहे हैं। द्य हम प्रदूषण को 70 प्रतिशत कम करने की गारंटी दे रहे हैं।विश्वस्तरीय यमुना रिवर फ्रंट बनाने की गारंटी दे रहे हैं। दिल्ली में किसी भी नाले को यमुना में नहीं गिरने देंगे। हम बंद होते अस्पताल और डिस्पेंसरी को दुरुस्त बनाएंगे। 5000 ई बसें, सीएनजी बसें चलाएंगे, हर 7 मिनट पर मिलेगी सेवा। ऐसी शिक्षा देंगे जिससे 12वीं पास करके बच्चे डीयू में प्रवेश ले सकें। द्य साथ ही बहुत सारे क्षेत्रों में और भी बहुत सारी योजनाओं पर काम करेंगे।

केन्द्र में भाजपा, निगम में भाजपा अब विधानसभा में भी भाजपा की सरकार जरूरी
पांच साल केजरीवाल कहते रहे मोदी सरकार काम नहीं करने देती, निगम कहता है कि दिल्ली सरकार फंड नहीं देती। अरे जब केन्द्र में भाजपा और निगम में भाजपा तो विधानसभा में भी भाजपा की सरकार होनी चाहिए और यह झगड़ा खत्म होना चाहिए। हम दिल्ली की जनता से यही अपील कर रहे हैं।

पांच साल के लिए दिल्ली दे दिजिए
पांच साल के लिए दिल्ली दे दीजिए, नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में इसे सर्वश्रेष्ठ बना देंगे। किसी भी मजदूर, तकनीशियन, कुशल कारीगर को हम बेरोजगार नहीं बैठने देंगे। केन्द्र ने स्किल ट्रेनिंग के लिए 500 करोड़ रुपए दिए, लेकिन दिल्ली की आप सरकार ने उसका इस्तेमाल नहीं किया। मतलब बहुत सारे बच्चे जिनको ट्रेनिंग मिल सकती थी और वह अपना रोजगार कर सकते थे, वह केजरीवाल के कारण वंचित रह गए।

पूर्वांचलियों को अपशब्द कहने वाला दिल्ली की सत्ता में नहीं रह सकता
2015 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) का वोट था 54 प्रतिशत। इसके बाद निगम के चुनाव जब हुए तो 2017 में इनका वोट हो गया 26 प्रतिशत। इसके बाद लोकसभा चुनाव हुए तो 2019 में इनका वोट इतना घटा कि आम आदमी पार्टी तीसरे नंबर पर आ गई। अरे पूर्वांचलियों को अपशब्द बोलने वाला क्या दिल्ली में सरकार बना सकता है।

बिहार के लोगों को कहा गया कि 500 रुपए लेकर आते हैं और यहां मुफ्त इलाज कराकर चले जाते हैं। अरे बिहार और यूपी के लोग बोझ नहीं बनते, वे नफरत फैलाने वाले लोगों को उनकी औकात बताना जानते हैं और 8 फरवरी को बताएंगे 

- अकाली दल के साथ मतभेद क्यों हो गए?
जो भी कहा जा रहा है गलत है। अकाली दल से भाजपा का गठबंधन टूटा नहीं है। हां, खुद उन लोगों ने तय किया कि वह दिल्ली विधानसभा में चुनाव नहीं लड़ेंगे।

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