Tuesday, Jul 23, 2019

Exclusive Interview : पर्यावरण बचाने के लिए घर से करें शुरूआत- दीया मिर्जा

  • Updated on 6/5/2019

नई दिल्ली/टीम डिजीटल। दीया मिर्जा (Dia mirza), ऐसा नाम है जिसे दुनिया जानती है। रैंप (Ramp) पर उतरी तो उनकी मनमोहक मुस्कान ने उन्हें ‘मिस इंडिया एशिया पैसिफिक-2000’ से लेकर ‘मिस ब्यूटी स्माइल’ जैसा खिताब दिलाया। मॉडलिंग (Modeling) में ऊंचा नाम कमाया तो फिल्मों में शुरूआत ‘रहना है तेरे दिल में’ से की। दीया मिर्जा का जल्द ही ‘वेब सीरीज’ में सीरियल ‘काफिर’ आने को तैयार है। ‘काफिर’ जम्मू-कश्मीर व पाकिस्तान से जुड़ी कहानी है। ‘काफिर’ की कहानी (Story) पर फिदा दीया मिर्जा से पंजाब केसरीनवोदय टाइम्स ने खास बातचीत की। पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंश :

प्र. दीया मिर्जा जी, आपकी परवरिश मुस्लिम परिवार में हुई है, आप इतनी अच्छी उर्दू टच हिन्दी बोलती हैं। क्या वजह है कि ‘रहना है दिल में’ और उसके बाद अब आप ‘काफिर’ हो गई? 
उ. ‘काफिर’ मेरे हिसाब से आज के दौर में सबसे अहम सवाल उठाता है, इंसानियत को लेकर। इतनी खूबसूरत कहानी लिखी है भवानी अय्यर ने। मैं बयां नहीं कर सकती। एक आर्टिस्ट होते हुए कितनी खुशी और हौसला बढ़ता है ऐसी कहानी से जुडऩे से। आप ने सही फरमाया परवरिश जिस माहौल में मिली है, उससे यही समझ मिली है कि इंसानियत से आगे, इंसानियत से ऊपर कुछ नहीं है। हम 21वीं सदी में एक-दूसरे को अलग करते हैं मजहब के नाम पर, जाति के नाम पर, बार्डर के नाम पर। इंसान तो इंसान होते हैं। खुशियां भी एक जैसी होती हैं और गम भी एक जैसे।   

प्र. दीया मिर्जा मुसलमान है, क्या भारत उन्हें सुरक्षित लगता है अपने लिए, जैसा पहले कुछ फिल्मी सितारों के बयान आए?
उ. आपने कैसे मान लिया की मैं मुसलमान हूं, मैं तो सिर्फ हिन्दुस्तानी हूं। नदी जब पानी देती है या पेड़ हवा को स्वच्छ करते हैं तो यह नहीं पूछते कि कितना टैक्स भरते हैं, आक्सजीन लेने वाला किस मजहब से है। 

 प्र. क्या दीया मिर्जा सियासत में आएंगी या फिर पंजाबी फिल्मों में काम करेंगी? 
उ. सियासत में कभी नहीं, मैंने जितने भी अच्छे लोग सियासत में देखे हैं वे लाचार हो जाते हैं लाचारी मुझे मंजूर नहीं। 

प्र. आपने अब तक जितनी भी फिल्में की, हर किरदार अलग-अलग निभाया। आपको अब तक किस एक्टर के साथ काम करके अच्छा लगा? 
उ. देखिए, हर एक्टर का अपना अनुभव होता है, सबसे ज्यादा मुझे हनीमून ट्रैवल्स में मजा आया चूंकि जो ग्रुप था, माहौल था वह बहुत अच्छा था। लगे रहो मुन्ना भाई, परणिता, संजू और रहना है तेरे दिल में मेरी पहली फिल्म थी, यह तो बहुत ज्यादा मेरे लिए स्पैशल फिल्म है। 

प्र. जब आप मिस ब्यूटी स्माइल बनी तो घोषणा हुई, मन में क्या ख्याल आया, दिल में क्या चल रहा था, क्या शब्द मन ने दिल से कहा?
उ. मैं आगे की बात करती हूं जब मैं ‘मिस इंडिया एशिया पैसिफिक 2000’ बनी, दूसरे देश में चुनी गई थी, मुझे तब तक विश्वास नहीं हो रहा था, जब तक मैं घर नहीं लौट आई। 

ऐसा ही हाल रहा तो पानी  के लिए विश्व में होगी जंग 
दीया मिर्जा कहती हैं कि पानी का स्तर ऐसे ही कम होता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब पानी के लिए विश्व में जंग होगी। भारत के कई राज्यों में पानी का लेबल कम हो रहा है। 5 नदियों के पंजाब में भी जिस तरह से पानी का लेबल कम हो रहा है वह ङ्क्षचता की बात है। 

प्लास्टिक का टुथब्रश मत  करें, दातुन को दें अहमियत
दीया मिर्जा कहती हैं कि प्लास्टिक के टुथब्रश का इस्तेमाल न करें, दातुन का प्रयोग करें या फिर बिना प्लास्टिक के बने हुए ब्रश मार्कीट में मिलते हैं उनका प्रयोग करें। मैं 9 साल से पर्यावरण बचाने की मुहिम से जुड़ी हूं। ऊपर वाले की मेहरबानी है कि संस्कार ऐसे मिले हैं जिनमें देशभक्ति व देश के लिए बेहतर समाज बनाने की प्रेरणा सदैव मिलती रही है। 
 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.