Wednesday, Jan 19, 2022
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Exclusive Interview : 'लैला मजनू' एक ऐतिहासिक कहानी का नया अंदाज

  • Updated on 9/6/2018
  • Author : National Desk

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। आपको इश्क, मोहब्बत, प्यार की एक और परिभाषा बताने के लिए वापस आ गए हैं इम्तियाज अली अपनी फिल्म ‘लैला मजनू’ लेकर। सदियों पुरानी ‘लैला मजनू’ की प्रेम कहानी के बारे में हर कोई जानता है। उनके प्रेम के किस्से आज भी मशहूर है। यह फिल्म प्यार में पागल उस मजनू की कहानी है, जिसे इम्तियाज अली बहुत वक्त से बड़े पर्दे पर उतारना चाहते थे।

बॉलीवुड में दो नए चेहरे अविनाश तिवारी और तृप्ति डिमरी इस ऐतिहासिक कहानी को अपने अंदाज में ला रहे हैं। इम्तियाज की कहानियों में बेशुमार प्यार नजर आता है और लैला मजनू एक आइकोनिक लव स्टोरी है। 7 सितम्बर को रिलीज हो रही इस फिल्म प्रमोशन के लिए दिल्ली पहुंचे इम्तियाज, साजिद, अवनिाश और तृप्ति ने नवोदय टाइम्स/पंजाब केसरी/जग बाणी/ हिंद समाचार से खास बातचीत की। पेश है मुख्य अंश:

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शुरू से था लैला मजनू से प्रभावित: इम्तियाज अली
मैं बचपन से ‘लैला मजनू’ से प्रभावित था और फिल्म ‘रॉक स्टार’ के समय से ‘लैला मजनू’ बनाने की सोच रहा था। जब मैंने ‘लैला मजनू’ के कुछ सीन लिखे तभी मन में खयाल आया कि क्या मैं इसे डायरेक्ट करूं, मुझे लगा अगर मैं ही इसे डायरेक्ट करूंगा तो इसमें मेरी ही फिल्मों के लैला मजनू की परछाई नजर आएगी.. जो मैं नहीं चाहता था। मेरी पहले की फिल्में भी लैला मजनू के किरदार से प्रभावित रही हैं। ये कहानी हजारों साल पुरानी है, इसलिए मैं चाहता था कि इस फिल्म को कोई नया डायरेक्टर बनाए जो यंग हो और उसने लव स्टोरीज न बनाई हो। इसीलिए मैंने अपने भाई साजिद को डायरेक्शन का काम दिया।

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बाकी लव स्टोरी से काफी अलग
इस फिल्म की खासियत ये है कि हमने इसमें वो सब नहीं डाला जो फिल्म को कमर्शियली हिट कराने के लिए डाला जाता है। फिल्म में सिर्फ वास्तविकता दिखाई गई है। प्यार के लिए हद से गुजर जाने की दास्तां है ‘लैला मजनू’। फिल्म में सिर्फ वह चीजें हैं, जो हम सच में महसूस करते हैं। दरअसल, जब नई लव स्टोरी बनती है, उसमें जो भी चीजें समझी जाती है कि होनी चाहिए, वह सारी चीजें हमने इस फिल्म में नहीं रखी है। यह फिल्म बाकी लव स्टोरी से काफी अलग है और बहुत दिल से बनाई हुई फिल्म है।

 कंबल का है गहरा राज
कंबल एक ऐसी चीज है जो दो लोगों को बांधती है। कंबल की अहमियत सबसे ज्यादा ठंडी जगहों पर होती है। इस फिल्म में कंबल मजनू कहीं से चोरी करता है और फिल्म में इसका गहरा राज है।

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ये नई लैला है: तृप्ति 
लैला का कैरेक्टर जरा हटके है। 2018 की लैला बहुत बड़ी फ्लर्टी है। उसे मजा आता है अपने पीछे लड़कों को घुमाने में। वह अपनी दुनिया में जी रही है, उसके दिमाग में एक अलग फिल्म चल रही है, जिसकी वह हीरोइन है। उसको बस जिंदगी का मजा लेना है।

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किसी चीज को सीरियसली नहीं लेती, प्यार को भी नहीं। उसे प्यार का मतलब भी नहीं पता। यह रियल लैला से बहुत हटके है। 

बदनाम है मजनू: अविनाश
फिल्म में मजनू जुआ खेलता है, शराब पीता है और कुछ गैर-कानूनी काम भी करता है। कुल मिलाकर मजनू बदनाम है। उसके बारे में बहुत सारी अफवाहें हैं। मजनू का किरदार बहुत अच्छा है, जो आपको जरूर पसंद आएगा। इस फिल्म के लिए 2015 में साजिद अली से मुलाकात हुई थी।

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उस वक्त अभिषेक और अनमोल इस फिल्म की कास्टिंग कर रहे थे। मैंने कई ऑडिशन दिए। यह फिल्म किसी वजह से 2016 के बीच रुक गई तब लगा था कि अब ये फिल्म नहीं बनेगी, लेकिन 2017 में एक बार फिर से उन्होंने इसे शुरू करने का फैसला किया तो मुझे ही चुना।

बचपन से थी इंप्रेस करने के मौके की तलाश : साजिद अली
इम्तियाज की वजह से मुझपर इस फिल्म को लेकर बहुत प्रेशर था। मैं बचपन से उन्हें इंप्रेस करने का मौका तलाश रहा था, जो इस फिल्म के जरिए मुझे मिला। इस फिल्म में हर चीज का ध्यान रखना बहुत जरूरी था क्योंकि हर कोई लैला मजनू के बारे में जानता है अगर कुछ भी चूक होती तो जमाना उंगली उठाने लगता।

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आज के जमाने की लैला
साजिद बताते हैं कि ‘लैला मजनू’ एकदम साफ-सुथरी फिल्म है जिसे आप अपने परिवार के साथ देख सकते हो। फिल्म में कुछ भी अश्लील नहीं है। बस इसमें हमारी लैला आज के जमाने की लैला है पुराने जमाने में सिर झुका कर चलने वाली लैला नहीं है। 

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