Saturday, Mar 23, 2019

Exclusive Interview: गली बॉय-लव और पैशन से बड़ी दोस्ती

  • Updated on 2/13/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। अपनी हाई एनर्जी के लिए जाने जाने वाले रणवीर इन दिनों रैप करते हुए अपनी फिल्म गली बॉय का प्रमोशन कर रहे हैं। मुंबई के धारावी इलाके के स्लम से निकलने वाले रैपर्स से प्रेरित इस फिल्म को जोया अख्तर ने डायरेक्ट किया है और फरहान अख्तर, रितेश सिधवानी ने प्रोड्यूस किया है।

रणवीर और आलिया पहली बार इस फिल्म के साथ बड़े पर्दे पर दिखने वाले हैं। 14 फरवरी यानी वेलेंटाइन डे के दिन रिलीज हो रही इस फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच काफी बज़ देखने को मिल रहा है। इस फिल्म में सिद्धार्थ चतुर्वेदी, विजय वर्मा और कल्कि कोचलिन भी प्रमुख भूमिकाओं में दिखेंगे। फिल्म प्रमोशन के लिए दिल्ली पहुंचे रणवीर, आलिया, जोया और रितेश ने पंजाब केसरी/ नवोदय टाइम्स/ जगबाणी/ हिंद समाचार से ढेर सारी बातें कीं। पेश है बातचीत 
के कुछ अंश:-

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खूबसूरती से बनाई गई फिल्म: रणवीर सिंह
मुंबई के कुछ मोहल्ले ऐसे हैं जिनके लड़कों की जिंदगी बहुत मुश्किल होती है। उन्हें कम ही मौके मिलते हैं और उनका जो पैशन है उसमें आगे बढऩा तो बहुत मुश्किल होता है। इसमें मेरे किरदार का नाम मुराद है, जो म्यूजिशियन तो बनना चाहता है, लेकिन ये उसके लिए आसान नहीं है। फिल्म में उसकी यही टफ जर्नी दिखाई गई है। हमने इस फिल्म को बहुत खूबसूरती से बनाया है, जो देखने लायक है।

Navodayatimesकिरदार से बाहर निकलने में लगता है वक्त 
यह तो फिल्म के किरदार पर निर्भर करता है कि आपको उससे निकलने में कितना समय लगेगा। जिस दौरान मैं सिम्बा कर रहा था उस वक्त जब मैं अपने दोस्तों से मिलता था तो वो मुझे बोलते थे कि अरे यार तू सिम्बा नहीं है। सिम्बा से बाहर निकल, उसकी तरह बात करना बंद कर।

वहीं, खिलजी जैसे किरदार से बाहर आने में 15 से 20 दिन लग गए। इसके अलावा बेफिक्रे जैसी लाइट फिल्म से बाहर निकलने में कोई समय नहीं लगा। इसके अलावा इस फिल्म के किरदार से बाहर आने में भी समय लग रहा है। मैं हमेशा एक रैपर की तरह बात करता रहता हूं। 

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पूरे वक्त आपको बांधे रखेगी ये फिल्म: रितेश सिधवानी
जब पहली बार मैंने ये कहानी सुनी और पढ़ी तभी से ये क्लियर था कि इसमें बहुत गहराई है और ये छुपी हुई कहानी है। ये ऐसी फिल्म है जो आपको बांधे रखेगी और आप खुद से रिलेट भी कर पाएंगे। रणवीर का किरदार ऐसा है जो आप में ये जानने की उत्सुकता जगाए रखेगा कि इसकी जिंदगी अब कहां जाने वाली है।

मेरी एनर्जी का राज मेरी वाइफ का प्यार 
सब मुझसे पूछते रहते हैं कि मेरी एनर्जी का क्या राज है। सच बताऊं तो अब मैं घर गृहस्थी में बंध गया हूं, मैं टाइम से सोता हूं, फ्रैश माइंड उठता हूं, टाइम से काम पर जाता हूं और सबसे जरूरी मेरी वाइफ दीपिका जो मेरा बहुत ख्याल रखती है। उसके प्यार से ही मुझे इतनी एनर्जी मिलती है।

Navodayatimesमैं जो चाहता था वो बना
मैं शुक्रगुजार हूं कि जिंदगी में जो चाहता था वो मेरे साथ हो गया, मैं एक्टर बन गया। उससे भी बड़ी बात ये कि मुझे दिग्गज कलाकारों के साथ काम करने का मौका मिला। 

हर फिल्म के साथ नई जिंदगी: आलिया भट्ट
मेरे लिए मजा उसमें है कि आप हर फिल्म के साथ एक नई जिंदगी जी सकें। ये मेरी खुशकिस्मती है कि मुझे इस तरह के रोल मिल रहे हैं जिन्हें लोग बेहद पसंद कर रहे हैं। मेरा काम यही है कि मैं जो किरदार करूं उसमें जान भर दूं ताकि पर्दे पर जब कोई उसे देखे तो उससे खुद को कनेक्ट कर पाए। यह सब तब आसान होता है जब आपको अच्छी स्क्रिप्ट और अच्छे डायरेक्टर का साथ मिल जाए। 

Navodayatimesकुछ मामलों में सफीना जैसी हूं
फिल्म में मेरा किरदार ‘सफीना’ का है। रियल लाइफ में मैं सिर्फ सफीना की मानसिक एनर्जी लेवल को खुद से कनेक्ट करती हूं क्योंकि मैं भी उसकी तरह कुछ मामलों को लेकर पैशनेट हो जाती हूं। लेकिन सफिना जिस तरह से आजाद है, मैं वैसी नहीं हूं, उसके बारे में कोई क्या सोचता है या क्या बोलता है उससे सफीना को कोई फर्क नहीं पड़ता।

मैं चाहती हूं कि लोग मुझे पसंद करें इसलिए मैं बहुत करेक्ट बनने की कोशिश करती हूं। इसके अलावा मुझमें और सफीना में एक समानता ये है कि वो अपने रिलेशनशिप और ईमानदारी को लेकर बहुत संवेदनशील है।  

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हम एक अच्छी शुरुआत चाहते थे: जोया अख्तर
रीमा और मैंने जब इसकी स्टोरी लिखी तब हम ये नहीं चाहते थे कि फिल्म की शुरुआत ऐसे हो कि कोई लड़का किसी लड़की से नफरत करता है। हम एक अच्छी शुरुआत चाहते थे। इसी का रिजल्ट है कि आपको फिल्म में एक ऐसा पार्ट भी देखने को मिलेगा जिसमें दिखाया गया है पैशन और लव से भी बड़ी दोस्ती है। 

हिप हॉप की बड़ी फैन हूं मैं
मैं हिप हॉप बहुत सुनती हूं और इसकी फैन हूं। इंडिया का हिप हॉप मैंने ज्यादा नहीं सुना। मैंने पहली बार जब नेजी का गाना ‘आफत’ सुना वो मुझे बहुत रियल लगा। उसके बाद मैं नेजी और डिवाइन से मिली तो लगा इतनी कम उम्र में उनके पास बहुत एक्सपिरिएंस है, वो बहुत ईमानदार और पॉजिटिव हैं। मुझे इन्हीं सबसे प्रेरणा मिली कि उनपर एक बेहतरीन फिल्म बनाई जा सकती है। 

अपना टाइम आएगा...
मुझे डिवाइन का एक गाना सबका टाइम आएगा बहुत पसंद आया था। जब मैंने अपने पापा को ये गाना सुनाया तो उन्होंने कहा कि तुम सबका नहीं ‘अपना टाइम’ टैगलाइन रखो। उनका कहना था अपना टाइम से सब खुद को कनेक्ट कर पाएंगे। इसलिए हमने इसको सबका टाइम से बदलकर अपना टाइम आएगा कर दिया। 

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