Sunday, Dec 15, 2019
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Exclusive Interview: एजेंडा नहीं है ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’

  • Updated on 1/11/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर आधारित फिल्म ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ इस समय काफी सुर्खियों में है और इसे लेकर राजनीति भी गरमाई हुई है। दरअसल ये फिल्म 2004 से 2008 तक मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार रहे संजय बारु की इसी नाम से प्रकाशित पुस्तक पर आधारित है।

विजय रत्नाकर गुट्टे के निर्देशन में बनी इस फिल्म में अनुपम खेर  पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की भूमिका में और अक्षय ख्न्ना संजय बारु का किरदार निभा रहे हैं। यह फिल्म 11 जनवरी को रिलीज होने जा रही है। अपनी इस मोस्ट अवेटेड फिल्म के प्रमोशन के लिए दिल्ली पहुंचे अक्षय खन्ना और विजय ने पंजाब केसरी/ नवोदय टाइम्स/ जगबाणी/ हिंद समाचार के साथ खास बातचीत की। 

अक्षय खन्ना-
यह फिल्म लोगों के एंटरटेनमेंट के लिए है या कांग्रेस के खिलाफ एजेंडा फिल्म है?
सिनेमा लोगों के एंटरटेनमेंट के लिए बनाया जाता है। यह बहुत ही खूबसूरत एंटरटेनिंग फिल्म है। इसमें खूबसूरती के साथ बहुत ह्यूमर डाला गया है, क्योंकि राजनीति में भी काफी ह्यूमर होता है। ह्यूमर फिल्म का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

लोग फिल्म को मुस्कुराते हुए देखेंगे और लोग थिएटर से मुस्कुराते हुए ही बाहर आएंगे। इस फिल्म में 100 प्रतिशत सच्चाई है। यह पहली ऐसी फिल्म है, जो एक प्रधानमंत्री के ऑफिस के अंदर फिल्माई गई है। 

बतौर सीनियर एक्टर अनुपम जी की आपको कौन सी खूबियां पसंद हैं?
उनमें बहुत सी खूबियां हैं। वे 63 साल के हैं और जब वे हम सबके बीच बैठते हैं तो हमसे भी ज्यादा यंग लगते हैं। वो खुद को गंभीरता से नहीं लेते, बहुत एनर्जेटिक हैं। जब आप उनको इस फिल्म में देखोगे तो आपको उनका ये किरदार हमेशा याद रह जाएगा।

Navodayatimes

क्या इस फिल्म से पंजाबी और सिख समुदाय की भावना आहत हुई हैं?
नहीं ऐसा बिल्कुल नहीं है बल्कि पंजाबी और सिख वर्ग फिल्म देखकर बहुत खुश होंगे। फिल्म में मनमोहन सिंह जी का बहुत आदर किया गया है। उनके जीवन का एक-एक पल सब जानते हैं। इस किरदार को सभी बहुत प्यार करेंगे।

आपने संजय बारू का किरदार निभाया है। वास्तव में आप उनसे कितना इत्तेफाक रखते हैं?
सबसे पहले मैं बताना चाहूंगा कि मुझे राजनीतिक फिल्में देखना बहुत पसंद है। इसमें मेरा किरदार बहुत जबदस्त है, जिसे लोग याद रखेंगे। दरअसल, विजय नहीं चाहते थे कि मैं हूबहू संजय बारू को कॉपी करूं, क्योंकि मनमोहन सिंह हो या सोनिया गांधी इनके बारे में सभी सबकुछ जानते हैं, लेकिन संजय बारू को कम ही लोग जानते हैं कि वे कैसे चलते थे या उनका लुक कैसा था।

मुझे इस किरदार के लिए यूट्यूब पर संजय बारू की वीडियो देखने के लिए मना किया गया था। विजय का मानना था कि एक मेरे ही किरदार से वो कुछ एंटरटेन कर सकते हैं, क्योंकि बाकी के किरदारों को तो सब जानते ही हैं।

विजय रत्नाकर गुट्टे
लोकसभा चुनाव से ठीक पहले फिल्म को रिलीज किया जा रहा है, पहले क्यों नहीं किया गया? 
देखिए प्रोड्यूसर फिल्म को तभी रिलीज करता है जब उसे लगता हो कि फिल्म को सबसे ज्यादा फायदा कब होगा, उसे रिलीज के लिए एक अच्छी डेट चाहिए होती है। जैसे देशभक्ति फिल्म 26 जनवरी और 15 अगस्त  के आस-पास रिलीज होती हैं और बड़ी एंटरटेनमेंट फिल्म दीवाली के नजदीक।

उसी तरह यह फिल्म अभी रिलीज होगी तो ज्यादा फायदा होगा। मैं एक बात और कहना चाहूंगा कि ये फिल्म कोई एक कमरे में बैठकर बनाई गई फिल्म नहीं है, पिछले डेढ़ साल से इस पर काम चल रहा है। पहले दिन से फिल्म से जुड़ी सभी जानकारी सबके सामने है, अचानक तो कुछ हुआ नहीं है। 

ट्रेलर देख कर लगता है कि फिल्म किरदारों के गेटअप पर बहुत मेहनत की गई है, इस पर आप क्या कहेंगे?  
इसकी कास्टिंग पर बहुत मेहनत की गई है, ये आपको फिल्म देखकर खुद पता चल जाएगा। मनमोहन सिंह सहित सभी किरदार हूबहू हैं। फिल्म के राइटर मयंक तिवारी जी खुद एक पत्रकार हैं। बड़ी ही जिम्मेदारी के साथ हमने ये सब स्क्रीन पर उतारा है और इसके डायलॉग्स भी काफी पॉवरफुल हैं। 8 महीने इसकी कास्टिंग में लगे हैं और 126 किरदार इसमें कास्ट किए गए हैं। 

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अनुपम को फिल्म में लेना पहले से तय था या एक संयोग? 
जिस अभिनेता ने 500 फिल्में की हों और अलग-अलग तरह के किरदार निभाए हों वो अभिनेता मेरी फिल्म में काम करें तो मेरे लिए खुशकिस्मती की बात है। नए डारेक्टर को आसानी से कोई बड़ा एक्टर हां नहीं करता।

मुझे तो लगा ही नहीं था कि वह मेरी फिल्म को हां बोलेंगे। पूरी दुनिया जानती है कि अनुपम जी बीजेपी सपोर्टर हैं। लेकिन इस बात से उनका इस फिल्म में होना कोई इत्तेफाक नहीं रखता। इनसे पहले मैंने दो एक्टर्स से बात की थी लेकिन किसी वजह से बात नहीं बनीं।

आपको क्या लगता है मनमोहन सिंह ये फिल्म देखेंगे? 
मैं चाहता हूं कि वो ये फिल्म जरूर देखें। मुझे भरोसा है कि उन्हें व उनके परिवार को ये फिल्म बहुत पसंद आएंगी। अगर वो हमसे कहेंगे की उन्हें ये फिल्म देखनी है, तो हम उनके लिए एक अलग स्क्रीन की व्यवस्था करेंगे। मैं एक बात और कहना चाहूंगा, बॉक्स ऑफिस कलेक्शन की चाह तो सभी रखते हैं लेकिन हम इसके साथ रिसपेक्ट भी चाहते हैं।

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