Wednesday, Oct 20, 2021
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फड़णवीस ने महाराष्ट्र के गृह मंत्री के खिलाफ पेश किया विशेषाधिकार हनन नोटिस

  • Updated on 3/10/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देवेन्द्र फड़णवीस ने राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर झूठे इल्जाम लगाने का आरोप लगाते हुए बुधवार को उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस पेश किया। फड़णवीस ने विधानसभा में कहा कि देशमुख ने मंगलवार को सदन में उनपर 2018 में अन्वय नाइक आत्महत्या पर पर्दा डालने का आरोप लगाया। 

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अलीबाग के रहने वाले इंटीरियर डिजाइनर नाइक ने साल 2018 में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले के संबंध में पत्रकार अर्णब गोस्वामी को गिरफ्तार किया गया था। फड़णवीस ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने अपने फैसले में स्पष्ट रूप से कहा है कि राज्य सरकार ने आत्महत्या के लिये उकसाने से संबंधित भारतीय दंड संहिता की धारा 306 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है, जो प्रथम दृष्ट्या गलत है। 

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उन्होंने कहा, ‘‘देशमुख ने जो कहा है वह अदालत की अवमानना है। साथ ही इसका मकसद विधायक के तौर पर मुझे मेरे कर्तव्यों का पालन करने से रोकने के समान है।‘‘ विधानसभा के उपाध्यक्ष नरहरि जरवाल ने कहा कि वह नोटिस पर विचार के बाद उचित फैसला लेंगे।

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भाजपा शासनकाल में हुए वृक्षारोपण अभियान की जांच समिति गठित 
महाराष्ट्र सरकार ने भाजपा के शासनकाल में राज्य में 33 करोड़ पेड़ लगाने के अभियान की जांच के लिये एक समिति गठित करने की बुधवार को घोषणा की। वन राज्य मंत्री दत्तात्रेय बारणे ने विधानसभा में कहा कि वह 16 विधायकों की इस समिति के प्रमुख होंगे। भाजपा नेता देवेन्द्र फड़णवीस के मुख्यमंत्री रहते महाराष्ट्र में वृक्षारोपण अभियान चलाया गया था। अब महाराष्ट्र में गठबंधन सरकार की अगुवाई कर रही शिवसेना उस समय भाजपा के साथ सरकार में शामिल थी।      बारणे ने कहा कि समिति चार महीने में सदन में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। 

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शिवसेना विधायक रमेश कोरगांवकर ने पिछले सप्ताह सदन में पूछा था कि अभियान के दौरान वास्तव में कितने पेड़ लगाए गए। उनके इस सवाल के बाद अभियान की जांच का आश्वासन दिया गया है।      कोरगांवकर ने कहा था पिछले साल अक्टूबर तक 75.63 प्रतिशत पेड़ ही बाकी बचे। उन्होंने पूछा था कि क्या शेष पौधे जीवित नहीं रहे। बारणे ने कहा था कि वन विभाग को 2016-17 से 2019-20 के बीच विशेष अभियान के कार्यान्वयन के लिये 2,429.78 करोड़ रुपये मिले थे। 

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