Sunday, Feb 28, 2021
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faith not in ganga, old clothes will be immersed in kalash musrnt

गंगा में नहीं आस्था कलश में विसर्जित होंगे पुराने कपड़े

  • Updated on 2/23/2021

हरिद्वार/योगेश योगी। इस बार हरिद्वार कुंभ में एक नई पहल होने जा रही है। देश-विदेश से आने वाले अनेक श्रद्धालु अपने पुराने कपड़े गंगा में विसर्जित कर जाते हैं। जिससे गंगा प्रदूषित होती है। इस बार पुराने कपड़ों को विसर्जित करने के लिए घाटों पर आस्था कलश रखवाए गए हैं।

हरिद्वार कुम्भ में हरकी पैड़ी सहित गंगा घाटों पर 256 आस्था कलश स्थापित किए जा रहे हैं। इन कलश में श्रद्धालुओं को अपने पुराने वस्त्रों को विसर्जित करने के लिए संदेश दिया जाएगा। जिससे श्रद्धालु अपने पुराने वस्त्र गंगा में ना विसर्जित करें।

हरिद्वार आने वाले कुछ श्रद्धालु अपने पुराने वस्त्रों को गंगा घाटों पर फेंक देते हैं। इन पुराने कपड़ों से गंगा प्रदूषित होती है।नमामि गंगे योजना के तहत इस बार आस्था कलश घाटों पर स्थापित किए जा रहे हैं। मेला अधिकारी दीपक रावत ने बताया कि श्रद्धालुओं  आस्था कलश में अपने पुराने कपड़े विसर्जित कर सकते हैं।

आस्था कलश के नीचे छोटे-छोटे छेद किए गए हैं ताकि गीले कपड़ों का पानी उन से बाहर निकल सके। भविष्य में इन कपड़ों से लघु उद्योग के जरिए घरेलू काम में आने वाले कारपेट आदि चीजें बनाई जा सकती हैं।

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