Monday, Dec 06, 2021
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MSP बना कांग्रेस बनाम बीजेपी, सोशल मीडिया पर छिड़ी दोनों दलों के नेताओं के बीच जंग

  • Updated on 9/21/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कृषि सुधार संबंधी तीन नए विधयक (Agriculture Bill) भले ही संसद से पास हो गए हो लेकिन इन विधयकों को लेकर संसद से लेकर सोशल मीडिया तक बवाल मचा हुआ है। मोदी सरकार ने नए कृषि बिलों को लाकर सुधार करने के अपने एजेंडे का भारी विरोध होता देख अब इसपर सफाई देना भी शुरू कर दिया है। 

दरअसल, इन तीन नए विधयकों को लाने के बीच सबसे ज्यादा विरोध न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर किया जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर किसान सड़कों पर विरोध कर रहे हैं तो वहीँ सोशल मीडिया पर विपक्ष ने सरकार को आड़े हाथ ले रखा है।  

उधर, विधयक पास होने के बाद जहां किसानों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस नए संशोधित बिल के बारे में बताया तो वहीँ इस पर विपक्ष ने हमला बोलना शुरू कर दिया। जिस पर पीएम मोदी ने एमएसपी को लेकर साफ़ किया कि ये व्यवस्था जारी रहेगी। 

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उन्होंने ट्विटर पर लिखा, मैं पहले भी कहा चुका हूं और एक बार फिर कहता हूं- MSP की व्यवस्था जारी रहेगी। सरकारी खरीद जारी रहेगी। हम यहां अपने किसानों की सेवा के लिए हैं। हम अन्नदाताओं की सहायता के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे और उनकी आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर जीवन सुनिश्चित करेंगे।

वहीँ, इस बारे में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी इस मसले पर कहा कि एमएसपी अर्थात् मिनिमम सपोर्ट प्राइस था, है और रहेगा। एपीएमसी की व्यवस्था भी बनी रहेगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने दूरदर्शिता का परिचय देते हुए किसानों के बेहतर भविष्य के लिए ये कदम उठाए हैं जो किसानों की आय को दोगुना करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

साथ ही उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, कांग्रेस ने किसानों के सशक्तिकरण के लिए कभी कोई रिफॉर्म्स नहीं किया। उसके पास न इसके लिए सोच थी, न ही इच्छाशक्ति। किसानों और गरीबों को गुमराह कर राजनीति करने की कांग्रेस की पुरानी आदत रही है। कांग्रेस के दोहरे चरित्र से किसान वाकिफ हैं, वे अब उसके बहकावे में आने वाले नहीं हैं।

बीजेपी की इस सफाई पर पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने सरकार ने सवाल पूछते हुए कहा कि अगर किसान फसल बेचने को कहीं भी जा सकता है तो उसे एमएसपी का लाभ कैसे मिलेगा?

 

उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, मंत्री जी को कैसे पता चलेगा कि किस किसान ने अपनी उपज किस व्यापारी को बेची है? वो हर दिन पूरे देश में होने वाले लाखों लेनदेन को कैसे जानेंगे? यदि उसके पास डेटा नहीं है, तो वो हर लेनदेन में MSP का भुगतान गारंटी कैसे देंगे?

पी चिदंबरम को निशाना बनाते हुए बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने कहा, यह शख्स कभी भारत का FM था...क्या यह सामान्य ज्ञान नहीं है कि यदि किसान को बाजार में मिलने वाली कीमत MSP से कम है, तो वह MSP मार्ग लेगा?यदि वह बाजार में अधिक प्राप्त करता है, तो वह सीधे बेच देगा...पहले उसके पास सीधे बेचने का विकल्प नहीं था!

बीजेपी नेता राजनाथ सिंह ने भी इस बारे में कहा कि मैं भी किसान का बेटा हूं और मुझे यकीन है कि हमारी सरकार कभी किसानों को अहित नहीं करेगी।

उन्होंने कहा, मैं दो टूक शब्दों में, तहे-दिल, देश के क़िसान भाइयों को संदेश देना चाहता हूँ कि किसी भी सूरत में MSP ख़त्म नहीं होगी। इतना ही नहीं APMC की व्यवस्था भी ख़त्म नहीं होगी। मैं सभी किसानों को आश्वस्त करना चाहता हूँ। 

इसके बाद, संसद में हुए हंगामे पर 8 सांसदों को 7 दिन के निलंबित कर दिया गया। जिस पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार पर ठीकरा फोड़ते हुए ट्वीट किया है कि डेमोक्रेटिक इंडिया का संदेश जारी है- शुरू में मौन और बाद में, संसद में सांसदों को निलंबित करना और काले कृषि कानूनों पर किसानों की चिंताओं पर नज़र रखना। इस 'सर्वज्ञ' सरकार के अंतहीन अहंकार ने पूरे देश के लिए आर्थिक संकट ला दिया है।

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