Wednesday, Apr 14, 2021
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किसान आंदोलन : नरेश टिकैत बोले- नहीं चलेगी मोदी सरकार की मनमानी

  • Updated on 2/23/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने मंगलवार को कहा कि केंद्र की मोदी सरकार की मनमानी नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार तीनों कृषि कानूनों को खत्म करे तो किसान बातचीत को तैयार हैं। नरेश टिकैत यहां बीबीनगर जाते वक्त कुछ देर के लिए गांव धनौरा में भाकियू के मंडल सचिव ज्ञानेश्वर त्यागी के आवास पर आए और मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि पहले सरकार तीनों कानूनों को वापस ले और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानून बनाए, इन शर्तों के पूरा होने तक किसान पीछे नहीं हटेंगे। 

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नरेश टिकैत ने कहा कि यह आंदोलन अनिश्चितकालीन है, जो मरते दम तक जारी रहेगा। उन्होंने दावा किया कि तीनों कृषि कानून किसानों के हक में नहीं है और यह बात सरकार भी जानती है, लेकिन अपनी जिद के चलते वह किसानों की बात सुनने को तैयार नहीं है। टिकैत ने दावा किया कि भाजपा में ऐसे कई नेता हैं जो इस समस्या को सुलझा सकते हैं, लेकिन उन पर भी दबाव बनाया हुआ है।  

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उन्होंने कहा कि सरकार अपनी जिद छोड़ दे क्योंकि किसान बातचीत करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कृषि कानूनों को सरकार को वापस लेना ही होगा, यह शर्त माने जाने तक किसान पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा,‘‘सरकार किसानों को कई नाम दे रही है, जो किसानों के लिए अपमान की बात है, लेकिन सरकार यह भूल गई है कि किसानों का शोषण करने वाला कभी सफल नहीं हुआ है। इसका परिणाम उसे भुगतना ही पड़ेगा।’’ 

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किसान 24 को मनाएंगे दमन दिवस
केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ हरियाणा के जींद जिले में खटकड़ टोल पर धरना दे रहे किसानों ने आंदोलन के 60वें दिन ‘पगड़ी संभाल दिवस’ मनाया। इस मौके पर अंग्रेजों के शासन में किसानों के हकों के लिए पगड़ी संभाल आंदोलन करने वाले भगत सिंह के चाचा अजीत सिंह की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया गया। किसान संगठनों ने 24 फरवरी को दमन दिवस मनाने का आह्वान किया और उस दिन जींद के जिलाधीश के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा जाएगा। 

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भाकियू प्रधान आजाद पालवां ने कहा कि अंग्रेजों के समय जो किसान आंदोलन सरदार अजीत सिंह ने किया था वह काफी लंबा चला था, उसी तरह किसान भी इस अंदोलन को लंबे समय तक चलाने का मन बना चुके हैं। उन्होंने कहा कि बुधवार को दमन विरोधी दिवस मनाते हुए जींद के जिलाधीश को ज्ञापन सौंपेंगे जिसमें किसानों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने एवं सरकार से दमनकारी नीतियों को छोडऩे सहित अन्य मांगे होंगी। पालवां ने बताया कि 26 फरवरी को युवा जागरूक दिवस मनाया जाएगा जबकि 27 फरवरी को गुरु रविदास की जयंती एवं चंद्र शेखर आजाद का बलिदान दिवस मनाया जाएगा।

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