Wednesday, Jun 16, 2021
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farmer protest 20th day nitin gadkari said anna hazare will not join the protest pragnt

सरकार किसानों के हित में कर रही है काम, जल्द ही खत्म होगा आंदोलन- गडकरी

  • Updated on 12/15/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। केंद्र सरकार (Central Government) द्वारा लाए गए नए कृषि कानूनों (Farm Laws) के खिलाफ दिल्ली बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन आज 20वें दिन भी जारी है। इस बीच केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने कहा कि किसानों को ये समझना चाहिए कि सरकार उनके साथ किसी तरह की नाइंसाफी नहीं होने देगी।

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किसानों के साथ नाइंसाफी नहीं होने देगी सरकार
केंद्रीय मंत्री ने न्यूज एजेंसी से बातचीत के दौरान कहा, 'किसानों को तीन कानूनों पर चर्चा करनी चाहिए, हमारे कृषि मंत्री इसके लिए तैयार हैं। उन्हें समझना चाहिए कि हमारी सरकार किसानों के कल्याण के लिए लिए समर्पित है।' उन्होंने यह भी कहा कि सरकार तीनों कानूनों के बारे में किसानों के सभी अच्छे सुझावों को स्वीकार करने के लिए तैयार है। गडकरी ने कहा कि हमारी सरकार में किसानों के साथ कोई अन्याय नहीं होगा। उन्होंने कहा कि कुछ तत्व ऐसे हैं जो इस आंदोलन का फायदा लेकर किसानों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। ये गलत है।

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किसानों को मिलेगा न्याय- गडकरी
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार गांव, गरीब, मजदूर, किसान के हितों के ​लिए समर्पित है, जो भी नए सुझाव वो(किसान) देंगे उसे स्वीकारने के लिए तैयार है। हमारी सरकार में किसानों के साथ कोई अन्याय नहीं होगा। गडकरी ने कहा, 'यदि कोई बातचीत नहीं होती है, तो यह गलतफहमी पैदा कर सकता है, विवाद और विरलता के लिए। अगर बातचीत होती है तो मुद्दे हल हो जाएंगे, पूरी बात खत्म हो जाएगी, किसानों को न्याय मिलेगा, उन्हें राहत मिलेगी। हम किसानों के हित में काम कर रहे हैं।'

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जरूरत पड़ी तो मैं भी किसानों से करूंगा बात- गडकरी
नितिन गडकरी ने कहा कि उनकी सरकार किसानों को संवाद के जरिए समझाएगी और बातचीत के जरिए इस गतिरोध का रास्ता निकलेगा केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अभी कृषि मंत्री और वाणिज्य मंत्री किसानों के साथ बातचीत कर रहे हैं. अगर उन्हें किसानों से बात करने के लिए कहा जाएगा तो निश्चित रूप से वह किसानों से बातचीत करेंगे।

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केंद्रीय मंत्री ने बताया सरकार का सपना
उन्होंने कहा, 'आज, हमारे देश में आठ लाख करोड़ के क्रूड ऑयल का आयात है, इसके बजाय हम दो लाख करोड़ की इथेनॉल की अर्थव्यवस्था बनाना चाहते हैं। अभी वो केवल 20,000 करोड़ की है। अगर ये दो लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था बनेगी तो एक लाख करोड़ किसानों की जेब में चले जाएंगे।' केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में, हवाई जहाज इथेनॉल से बने ईंधन पर चलेंगे और पैसा किसानों को जाएगा। यह हमारा विजन और सपना है। 

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कानूनों में बदलाव करने को तैयार सरकार
नितिन गडकरी ने कहा कि राजनीतिक नेताओं का राजनीति करने का अधिकार है। सही बात राजनीतिक पार्टियां बताएं, किसान संगठन या किसान बताएं हम वो बदलाव करने के लिए तैयार हैं। इस विषय को सब राजनीति से दूर रखेंगे तो किसानों की भलाई होगी। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि अन्ना हजारे जुडेंगे (किसान आंदोलन से), क्योंकि हमने किसानों का कोई अहित नहीं किया।

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प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे अन्ना हजारे- गडकरी
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के आंदोलन में शामिल होने पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उन्हें नहीं लगता है कि अन्ना हजारे आंदोलन में शामिल होंगे। हमारी सरकार ने किसानों के खिलाफ कुछ नहीं किया है। किसानों को मंडी में अपनी उपज बेचने का अधिकार है, व्यापारियों को या कहीं और। उन्होंने कहा कि मैं विदर्भ से आता हूं। 10,000 से अधिक गरीब किसानों ने आत्महत्या की। इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। किसानों, किसान संगठनों द्वारा जो सुझाव सही हैं, हम उन बदलावों के लिए तैयार हैं।

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20 दिनों से जारी है किसान आंदोलन
बता दें कि नए कृषि कानूनों के विरोध में हजारों किसान राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर बीते 20 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं इस जारी किसान आंदोलन को समाप्त करने के लिए सरकार में सोमवार को दिनभर चर्चा जारी रही। बैठकों के कई दौर हुए 

गृह मंत्री अमित शाह ने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें कानूनों में बदलाव और किसानों की बातों को मानने के मुद्दों के साथ आंदोलन की समीक्षा भी की गई। 

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भूख हड़ताल पर किसान
दरअसल केंद्र के तीनों नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसान संगठनों के नेताओं ने सोमवार को एक दिन की भूख हड़ताल कर अपने आंदोलन को और तेज करने का संकेत दिया। इस आंदोलन को समर्थन देते हुए देशभर में जिला मुख्यालयों पर भी विभिन्न किसान संगठनों ने धरना-प्रदर्शन किया। उन्हें विपक्षी दलों का भी भरपूर समर्थन मिला।

इस दौरान राजस्थान समेत कई राज्यों के किसान ट्रैक्टर रैली लेकर दिल्ली की ओर से रवाना हुए, जिसके चलते दिल्ली-जयपुर हाईवे समेत कई रास्तों पर दिनभर जाम लगा रहा। आंदोलनरत किसान दिल्ली आने वाले विभिन्न मार्गों को पिछले 19 दिनों से घेरे बैठे हैं।

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