Thursday, Sep 23, 2021
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किसान ट्रैक्टर परेडः सियासी दल बोले-हिंसा के लिए मोदी सरकार जिम्मेदार

  • Updated on 1/26/2021

नई दिल्ली, 26 जनवरी (नवोदय टाइम्स)। गणतंत्र दिवस पर किसानों के ट्रैक्टर परेड में हुई हिंसा के लिए विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार को ही जिम्मेदार ठहराया है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने हिंसात्मक घटना को अफसोसनाक बताते हुए कहा कि हिंसा किसी बात का हल नहीं। वहीं नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार ने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों को उग्र करने का काम किया है।

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राहुल गांधी ने कहा कि हिंसा किसी बात का हल नहीं
किसान गणतंत्र परेड में शामिल होने आए लाखों किसानों में से कुछ तय मार्ग छोड़ कर दिल्ली में प्रवेश कर गए, जिसके चलते जगह-जगह दिल्ली पुलिस और किसानों के बीच झड़प हुई। हिंसा की जिस तरह की तस्वीरें सामने आईं, उसे लेकर विपक्ष के तमाम नेता केंद्र सरकार पर भड़के हुए हैं। ऐसे हालात बनाने के लिए केंद्र को ही जिम्मेदार बता रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हिंसात्मक घटनाक्रम को लेकर मंगलवार को ट्वीट किया-हिंसा किसी समस्या का हल नहीं।

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चोट किसी को भी लगे, नुकसान देश का ही होगा। देश हित में कृषि विरोधी कानून वापस लो! वहीं कांग्रेस ने एक बयान में कहा कि आज हुई हिंसक व अराजक घटनाओं से कांग्रेस व पूरा देश क्षुब्ध है। लोकतंत्र में इस तरह की घटनाओं के लिए कोई स्थान नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राजहठ छोड़ राजधर्म के मार्ग पर चलना चाहिए। यही 72वें गणतंत्र दिवस का सही संदेश है।

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शरद पवार ने किसानों से अपने घर जाने की अपील की
पूर्व कृषि मंत्री और एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने केंद्र पर भड़कते हुए कहा कि जिस तरह से आंदोलन को हैंडल किया गया, वह खेदजनक है। उन्होंने कहा कि हम सभी विपक्ष में बैठे लोग किसानों का समर्थन करते हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपने-अपने गांवों को वापस चले जाएं और सरकार को ऐसा कोई मौका नहीं देना चाहिए जिससे उन पर दोष मढ़ा जाए। उन्होंने कहा कि आज जो कुछ भी हुआ, उसका कोई भी समर्थन नहीं करेगा। लेकिन ऐसे हालत क्यों बने, इसकी अनदेखी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि केंद्र ने अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाई जिसके चलते शांत बैठे लोग उग्र हुए। सरकार को समझदारी दिखाते हुए समय पर सही निर्णय लेना चाहिए था।

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कै. अमरिंदर ने किसानों से दिल्ली खाली करने को कहा
वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्रैक्टर परेड के बेकाबू हुए हालात को लेकर चिंता जताई और किसानों से अपील की कि वे तुरंत दिल्ली खाली कर बॉर्डर पर अपने धरना स्थलों को लौट जाएं। लाल किले पर किसानों द्वारा कब्जा कर अपना झंडा फहराने के दृश्य से हैरान कैप्टन ने ट्वीट किया- दिल्ली में दृश्य चौंकाने वाले हैं। कुछ तत्वों द्वारा फैलाई जा रही हिंसा अस्वीकार्य है। हालांकि इसके पहले कैप्टन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से किसानों की मांग मानने की अपील की थी। बसपा प्रमुख मायावती ने भी किसानों के साथ हुई हिंसात्मक घटना की कड़ी निंदा की है।

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ममता बोलीं, केंद्र को तीनों कानून तुरंत वापस लेना चाहिए
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने किसानों पर लाठी चार्ज और आंसू गैस छोड़े जाने को लेकर केंद्र पर निशाना साधा। ममता ने एक के बाद एक ट्वीट किया-पहले तो ये कानून बिना किसानों को विश्वास में लिए लाए गए और देशभर में विरोध के साथ-साथ बीते दो महीने से किसान दिल्ली को घेरे बैठे, जिसे सरकार ने गंभीरता से नहीं लिया। सरकार को चाहिए कि तीनों कानूनों को वापस ले। उन्होंने लिखा कि दिल्ली की सड़कों पर जो कुछ हुआ, वह बेहद दुखद और खेदजनक था। किसान भाइयो-बहनों के प्रति केंद्र का असंवेदनशील रवैया इस सबके लिए जिम्मेदार है।

 

 

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