Wednesday, Oct 20, 2021
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कृषि कानूनों के खिलाफ किसान यूनियनों ने अब भारत बंद का किया आह्वान

  • Updated on 3/10/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। किसान यूनियनों ने केन्द्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ 26 मार्च को अपने आंदोलन के चार महीने पूरे होने के मौके पर भारत बंद का आह्वान किया है। किसान नेता बूटा सिंह बुर्जगिल ने बुधवार को कहा कि किसान और व्यापार संघ मिलकर 15 मार्च को पेट्रोल-डीजल के दामों में वृद्धि और रेलवे के निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। 

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उन्होंने सिंघू बॉर्डर पर पत्रकारों से कहा,‘‘हम 26 मार्च को अपने आंदोलन के चार महीने पूरे होने के मौके पर पूर्ण रूप से भारत बंद का पालन करेंगे। शांतिपूर्ण बंद सुबह से शाम तक प्रभावी रहेगा।‘‘ उन्होंने कहा कि किसान 19 मार्च को‘मंडी बचाओ-खेती बचाओ’दिवस मनाएंगे। किसान यूनियनों ने भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव का शहीदी दिवस मनाने का भी फैसला लिया है। बुर्जगिल ने कहा कि किसान नेताओं ने 28 मार्च को होलिका दहन के दौरान नए कृषि कानूनों की प्रतियां जलाने का भी निर्णय लिया है। 

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किसान कांग्रेस ने संसद के निकट किया प्रदर्शन कांग्रेस की किसान इकाई ने केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ और आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों के लिए एक-एक करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग को लेकर बुधवार को संसद भवन के निकट प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय किसान कांग्रेस की ओर से जारी बयान के मुताबिक, संगठन के उपाध्यक्ष सुरेंद्र सोलंकी की अगुवाई में कई कार्यकर्ताओं ने विजय चौक पर प्रदर्शन किया, हालांकि कुछ देर बाद ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। 

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इस दौरान सोलंकी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारी मांग है कि संसद के भीतर उन किसानों को श्रद्धांजलि दी जाए जिन्होंने आंदोलन के दौरान अपनी जान गंवाई है। इन किसानों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा भी दिया जाना चाहिए।’ उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को तीनों कृषि कानून को वापस लेकर न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी वाला कानून बनाना चाहिए।     

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