Saturday, Nov 17, 2018

भूमिगत सिंचाई पाईप लाईन देने वाले किसानों को मिलेगा उचित मुआवजा: दहिया

  • Updated on 11/1/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। हरियाणा सरकार द्वारा जारी सूचना के अनुसार, राज्य सरकार किसान या किसानों का एक समूह, सिंचाई के उदद्देश्य के लिए दूसरे भूमि मालिक की होल्डिंग अथवा जोत पर, भूमिगत पाईप लाईन लगाने या मौजूदा पाईप लाईन की मरम्मत अथवा नवीनीकरण कर सकता है। इसके लिए उसे सरकार के नियमानुसार गठित एक कमेटी को लिखित आवेदन देकर अनुमति प्राप्त करनी होगी। 

कमेटी को अधिकार होगा कि वह किसान (दूसरे भूमि मालिक) की जमीन अथवा जोत में से पाईप लगाने के कार्य के लिए मुआवजा तय करके उसे दिलवाएगी। मुआवजा राशि सरकार किसान या किसानों का समूह देगा, यह जानकारी उपायुक्त डॉ. आदित्य दहिया ने बुधवार को दी। इस बारे उपायुक्त ने बताया कि यह अधिनियम पंजाब भूमि सुधार योजनाओं (हरियाणा संशोधन) लघु शीर्षक 2018 कहा जा सकता है। 

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अधिनियम के अनुसार 1963 के इस पंजाब एक्ट में सैक्शन-15ए व 15बी को सम्मिलित किया गया है। 15ए में उल्लेख किया गया है कि जहा राज्य सरकार किसान व किसानों का समूह सिंचाई उद्देश्यों के लिए दूसरो किसानों की भूमि अथवा जोत से भूमिगत पाईप लाईन लेगा, वह आपसी सहमति से नही होगा। बल्कि ऐसा करने के लिए जिला स्तरीय कमेटी इजाजत देगी। 

पाईप लाईन भूमि तल से 3 फुट नीचे तक लगाई जा सकेगी और पाईप लाईन लगाने के दौरान जमीन को उखाड़े जाने के डैमेज अथवा नुकसान की भरपाई के लिए कमेटी द्वारा तय किया गया मुआवजा उसी किसान को मिलेगा, जिसकी जमीन में से पाईप लाईन लगाई गई है। इसी प्रकार 15बी में जिला स्तरीय कमेटी के गठन का प्रावधान किया गया है, जिसे मुआवजा तय करने का अधिकार होगा।

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