Saturday, Jan 22, 2022
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चक्का जाम से उत्साहित किसान मोर्चा ने किया साफ- वार्ता के लिए गेंद सरकार के पाले में

  • Updated on 2/6/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। देशभर में चक्का जाम से उत्साहित संयुक्त किसान मोर्चा के हौसले बुलंद हैं। किसान मोर्चा ने साफ कर दिया है कि वार्ता के लिए गेंद अब सरकार के पाले में है। संयुक्त किसान मोर्चा ने बयान में कहा, किसानों के ‘‘चक्का जाम‘’ आह्वान को पूरे देश भर में जबरदस्त समर्थन मिला है। चक्का जाम ने एक बार फिर से साबित कर दिया कि देशभर के किसान तीन कृषि कानूनों के खिलाफ एकजुट हैं।

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किसान नेता दर्शनपाल ने कहा कि हम वार्ता के लिए तैयार हैं और गेंद सरकार के पाले में है।  किसान नेता दर्शन पाल ने बताया कि 'चक्का जाम' सफल और शांतिपूर्ण रहा। कर्नाटक और तेलंगाना में कुछ समस्या सामने आई है, कुछ लोगों को हटाया गया है। आने वाले दिनों में आंदोलन को आगे बढ़ाने पर आज बैठक में चर्चा हुई है। 

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राकेश टिकैत ने भी दिखाए तेवर

किसान नेता राकेश टिकैत ने शनिवार को कहा कि केन्द्र के तीन नये कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारी दो अक्टूबर तक दिल्ली की सीमाओं पर बैठे रहेंगे। गत नवम्बर से दिल्ली-मेरठ राजमार्ग के एक हिस्से पर अपने समर्थकों के साथ आंदोलन कर रहे भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता टिकैत ने कहा, ‘‘हम दो अक्टूबर तक यहां बैठेंगे।’’ 

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प्रेस से बातचीत करते हुए, उन्होंने दावा किया कि शनिवार को दोपहर 12 बजे से अपराह्र तीन बजे के लिए घोषित ‘‘चक्का जाम’’ के दौरान कुछ ‘‘शरारती तत्वों द्वारा शांति भंग करने की कोशिश’’ किये जाने के बारे में कुछ सूचनाएं मिली थीं। टिकैत (51) ने कहा, ‘‘इन सूचनाओं के कारण, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में ‘चक्का जाम’ नहीं करने का फैसला लिया गया।’’ 

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उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी खेती की जमीन को नहीं छू सकता है, किसान इसकी रक्षा करेंगे। किसानों और सैनिकों दोनों को इसके लिए आगे आना चाहिए।’’ गाजीपुर बॉर्डर प्रदशर्न स्थल पर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात थे। बैरिकेडिंग के दूसरी तरफ सुरक्षार्किमयों के साथ बातचीत करते हुए, उन्होंने, हाथ जोड़कर कहा, च्च्आप सभी को मेरा प्रणाम। अब आप सभी मेरे खेतों की रक्षा करेंगे।’’ 

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