Saturday, Jan 22, 2022
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farmers of punjab begin gathering near the border with haryana rkdsnt

जुलूस को लेकर पंजाब के किसान हरियाणा से लगी सीमाओं के पास जमा होना शुरू

  • Updated on 11/25/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। पंजाब के किसानों ने केन्द्र के कृषि संबंधी कानूनों के खिलाफ अपने प्रस्तावित जुलूस के लिए अपने ट्रैक्टर-ट्रेलर के साथ हरियाणा की सीमाओं के पास एकत्र होना शुरू कर दिया है। हरियाणा के अधिकारियों ने पंजाब की ओर से आने वाली सड़कों पर उनके जुलूस को रोकने के लिए सुरक्षा कर्मी तैनात किए हैं। अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा पुलिस ने पंजाब से लगने वाली सड़कों पर अवरोधक भी लगाए हैं। यातायात मार्ग में भी परिवर्तन किया जाएगा। 

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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मंगलवार को कहा था कि 26 और 27 नवम्बर को पंजाब से लगती राज्य की सीमा सील रहेगी। ‘ऑल-इंडिया किसान संघर्ष कोर्डिनेशन कमिटी’ , राष्ट्रीय किसान महासंघ और भारतीय किसान यूनियन के विभिन्न धड़ों ने केन्द्र पर हाल के तीन कृषि कानूनों को वापस लेने का दबाव बनाने के लिए 26-27 नवम्बर को ‘दिल्ली चलो’ का आह्वान किया था। किसान संगठनों ने कहा है कि उन्हें राष्ट्रीय राजधानी जाते हुए, उन्हें जहां कहीं भी रोका गया, वे वहीं धरने पर बैठ जाएंगे। 

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भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहन) के महासचिव सुखदेव सिंह कोकरी कलां ने बुधवार को कहा कि वे 26 नवम्बर को दिल्ली की ओर मार्च करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ हमारे कुछ सदस्य ट्रैक्टर-ट्रेलर से हरियाणा सीमा के पास खनौरी गांव पहुंच चुके हैं।’’ कोकरी कलां ने कहा कि वे प्रदर्शन में शामिल होने वाले किसानों के लिए भोजन और जरूरी चीजों का इंतजाम कर रहे हैं। बीकेयू (एकता उगराहन) ने दावा किया है कि उससे जुड़े दो लाख से अधिक किसान खनौरी और डबवाली से हरियाणा में दाखिल होंगे। 

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किसान अपने मार्च के लिए राशन, सब्जियां, लकड़ी और अन्य आवश्यक सामान लाए हैं। मौसम के सर्द होने के मद्देनजर, वे रजाई, कंबल भी लाए हैं और उन्होंने अपनी ट्रॉलियों को तिरपाल से ढंक दिया है। कोकरी कलां ने कहा, ‘‘ हम लड़ाई के लिए तैयार हैं, जो लंबी चल सकती है।’’ मोगा, फाजिल्का, बठिंडा और अन्य क्षेत्रों से 30 संगठनों के साथ जुड़े किसान संगरूर के महलान चौक पहुंच रहे हैं। 

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इस बीच, शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से किसानों की चिंताओं पर गौर करने की अपील की। उन्होंने ट्वीट किया कि सरकार और किसानों के बीच संघर्ष पंजाब और देश को ‘‘अराजकता’’ की ओर धकेल रहा है। बादल ने प्रधानमंत्री से उनकी शिकायतों पर फिर गौर करने और पंजाब को ‘‘संकट में ना डालने’’ की अपील की।     

 

 

 

 

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