Monday, Mar 01, 2021
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किसान आंदोलन: आज पांचवे दौर की बैठक, नहीं बनी बात तो 8 को भारत बंद का ऐलान

  • Updated on 12/5/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कृषि कानूनों (New Farm Laws) का विरोध कर रहे किसानों की आज शनिवार के दिन मोदी सरकार (Modi Govt) के साथ पांचवें दौर की बैठक है। किसान दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए हैं। वहीं अगर आज भी बात नहीं बनी तो 8 दिसंबर को भारत बंद (Bahart band) का ऐलान किया गया है। 

इससे पहले गुरुवार को भी केंद्र सरकार के तरफ से कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर,पियूष गोयल और किसान प्रतिनिधियों के बेीच 8 घंटे तक बैठक जारी रही। लेकिन किसी भी विषय पर सहमति नहीं बनने से यह बैठक बेनतीजा ही रहा। इस बीच सिंघू बॉर्डर पर  किसान संगठनों ने प्रेस को संबोधित किया। जिसमें कृषि कानून को काला कानून करार देते हुए इसे जल्द वापस लेने की मांग की।

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सरकार आज MSP को लेकर कर सकती है बड़ी घोषणा
नए कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन को खत्म कराने के लिए केंद्र सरकार आज कोई बड़ी घोषणा कर सकती है। यह घोषणा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लेकर हो सकता है, जिसका इशारा केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने दिया। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ बातचीत सार्थक नतीजे की ओर बढ़ रही है। बैठक शनिवार को दोपहर 2 बजे से विज्ञान भवन में है। दूसरी ओर, किसानों का कहना है कि संशोधन नहीं, तीनों कानून वापस होने चाहिए। सरकार पर दबाव बनाने को किसानों ने 8 दिसम्बर को भारत बंद का भी ऐलान कर दिया है।

सरकार को आज की बैठक में सार्थक नतीजे की उम्मीद
कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन अब व्यापक रूप लेता दिख रहा है। इस बीच सरकार भी दबाव महसूस करने लगी है। शुक्रवार को पूरे दिन मंत्रालय में इस पर माथा पच्ची चलती रही। बताया गया कि शीर्ष स्तर पर कई दौर की बैठक हुई। गृहमंत्री अमित शाह, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, रेल मंत्री पीयूष गोयल शनिवार को होने वाली पांचवें दौर की वार्ता के लिए रणनीति तय करने में लगे रहे। तोमर ने शनिवार को होने वाली बैठक में सार्थक नतीजे की उम्मीद जताई।

कानून में संशोधन को सरकार तैयार

मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आपत्ति और सुझावों पर बिंदुवार विचार कर रही है। जो भी संशोधन जरूरी होंगे, उसे करने और मानने को सरकार तैयार है। हालांकि किसानों की सबसे अहम मांग एमएसपी पर खरीद की गारंटी वाला कानून बनाने, मंडी व्यवस्था को जस का तस बनाए रखने और कांट्रैक्ट फार्मिंग के प्रावधान को खत्म करने के मसले पर उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया।

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8 दिसम्बर को भारत बंद का ऐलान
दूसरी ओर सरकार पर दबाव बढ़ाने के लिए किसानों ने 8 दिसम्बर को भारत बंद का ऐलान कर दिया। गाजीपुर-गाजियाबाद सीमा पर किसान नेता चौधरी राकेश टिकैत ने पत्रकारों से कहा कि आज सरकार के साथ फिर बातचीत होनी है। हमारी मांगें नहीं मानी तो हम आंदोलन और तेज करेंगे। वहीं सिंघु बार्डर पर पत्रकारों से बातचीत में ऑल इंडिया किसान सभा के महासचिव हन्नन मौला ने कहा कि हमारी एक ही मांग है कि तीनों कानूनों को सरकार वापस ले। अगर ऐसा नहीं करती तो आंदोलन तेज होगा और दिल्ली आने वाले हर रास्ते को बंद कर दिया जाएगा। 

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