Friday, Feb 26, 2021
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सरकार- किसान यूनियनों की 9वें दौर की वार्ता भी बेनतीजा, फिर 19 को बैठक

  • Updated on 1/15/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। नए कृषि कानूनों (New Farm Laws) के खिलाफ किसान आंदोलन आज 50 दिन पूरे कर 51वें दिन में प्रवेश कर चुका है। जारी गतिरोध को दूर करने के लिए प्रदर्शनकारी किसान संगठनों के प्रतिनिधियों और तीन केंद्रीय मंत्रियों के बीच नौंवे दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही। अगली बैठक 19 को होगी। इससे पहले कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसान नेताओं से अपील की कि वे भी सरकार की तरह इस मामले पर अपने रूख में लचीलापन लायें।

केंद्रीय कृषि मंत्री तोमर, रेलवे, वाणिज्य एवं खाद्य मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य राज्य मंत्री तथा पंजाब से सांसद सोम प्रकाश ने करीब 40 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ शुक्रवार को विज्ञान भवन में नौवें दौर की वार्ता शुरू की। भोजनावकाश से पहले तीनों कृषि कानूनों के बारे में चर्चा हुई।

इससे पहले, आठ जनवरी को हुई वार्ता बेनतीजा रही थी। पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हजारों की संख्या में किसान दिल्ली की सीमाओं के पास पिछले एक महीने से अधिक समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा था कि किसान यूनियनों के साथ सरकार की नौवें दौर की वार्ता निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगी और केंद्र सरकार को सकारात्मक चर्चा की उम्मीद है। इस दौरान एक ओर जहां किसान दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए हैं और जमकर विरोध प्रदर्शन कर  रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर आज कांग्रेस हर राज्य में अपने पार्टी मुख्यालय में किसान अधिकार दिवस मना रही है। 

Live Updates:

  • दिल्ली: विज्ञान भवन में किसान नेताओं और सरकार के बीच हुई बातचीत लंच ब्रेक के लिए अस्थायी रूप से रुकी।
  • दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने पार्टी सांसदों से मुलाकात की, जो जंतर मंतर पर तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं
  • दिल्ली: कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ पार्टी कार्यकर्ताओं ने राज निवास की ओर रुख किया, तीनों कानूनों के विरोध में सिविल लाइंस का घेराव किया।
  • दिल्ली: नए कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार के साथ नौवें दौर की वार्ता के लिए किसान नेता विज्ञान भवन पहुंचे। बीकेयू के प्रवक्ता राकेश टिकैत कहते हैं, "सरकार को तीन कानूनों को रद्द करने और एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी देने की योजना तैयार करने की आवश्यकता है।"
  • केंद्र सरकार के साथ होने वाली 9वें दौर की वार्ता के लिए किसान नेता सिंघु बॉर्डर से विज्ञान भवन के लिए रवाना हुए।
  • कृषि कानूनों के खिलाफ टिकरी बॉर्डर पर किसानों का विरोध-प्रदर्शन आज 51वें दिन भी जारी है।
  • राहुल गांधी आज दिल्ली में निकालेंगे विरोध मार्च। 
  • कांग्रेस हर राज्य में मानएगी किसान अधिकार दिवस 

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कृषि मंत्री को सकारात्मक वार्ता की उम्मीद
गुरुवार को केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि किसान संगठनों और सरकार के बीच नौवें दौर की वार्ता तय कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को होगी और केंद्र को उम्मीद है कि चर्चा सकारात्मक होगी। सरकार खुले मन से किसान नेताओं के साथ बातचीत करने को तैयार है। तोमर ने संवाददाताओं से कहा था, ‘सरकार, किसान नेताओं के साथ खुले मन से बातचीत करने को तैयार है।’

इससे पहले 11 जनवरी को उच्चतम न्यायालय ने तीन कृषि कानूनों के कार्यान्वयन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी थी । शीर्ष अदालत ने इस मामले में गतिरोध को समाप्त करने के लिये चार सदस्यीय समितिका गठन किया था। हालांकि, समिति के सदस्य और भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष भूपिन्दर सिंह मान ने समिति से अपने को अलग कर लिया था।

आठ जनवरी की बैठक में कोई नतीजा नहीं निकल सका था क्योंकि केंद्र सरकार ने तीनों कानूनों को रद्द करने की मांग को खारिज कर दिया और दावा किया कि इन सुधारों को देशव्यापी समर्थन प्राप्त है। वहीं किसान नेताओं ने कहा कि वह अंत तक लड़ाई के लिये तैयार है और कानूनी वापसी के बिना घर वापसी नहीं होगी। किसान संगठनों और केंद्र के बीच 30 दिसंबर को छठे दौर की वार्ता में दो मांगों पराली जलाने को अपराध की श्रेणी से बाहर करने और बिजली पर सब्सिडी जारी रखने को लेकर सहमति बनी थी।

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SC की कमेटी के सामने पेश नहीं होना चाहते किसान
वहीं  दूसरी ओर किसान संगठनों ने कहा है कि वे सरकार के साथ वार्ता करने को तैयार हैं। लेकिन, वे सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त कमेटी के समक्ष पेश नहीं होना चाहते हैं। किसान संगठनों ने समिति के सदस्यों को लेकर आशंका जाहिर करते हुए कहा कि इसके सदस्य पूर्व में तीनों कानूनों की पैरवी कर चुके हैं।

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