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farmers protest at ghazipur border nanak di hatti adorned with star lights kmbsnt

गाजीपुर बॉर्डर में किसान आंदोलन स्थल पर दिख रहे लुभावने दृश्य, बनाई गई 'नानक दी हट्टी'

  • Updated on 1/14/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। किसानों का आंदोलन (Farmers Protest) आज 50वें दिन में प्रवेश कर चुका है। इन 50 दिनों से किसानों ने दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डाला हुआ है। यहां पर भोजन से लेकर मनोरंजन तक की व्यवस्था आंदोलनरत किसानों के लिए की गई है। वहीं किसान इस दौरान बोरियत को खत्म करने और एक नयापन लाने के लिए कई काम कर रहे हैं। किताबों से लेकर फिल्म देखने तक सभी सुविधाएं यहां पर उपबल्ध  हैं। 

वहीं दिल्ली के गाजीपुर (Ghazipur Border) में किसान धरना स्थल पर एक किसान ने सितारों और फूलों के गुलदस्तों से सजाकर एक नानक दी हट्टी तैयार की है। पीलीभीत से गाजीपुर बॉर्डर पर धरना देने आए किसान सुरजीत सिंह ने ये नानक दी हट्टी बनाई। अब ये हट्टी लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गई है। इस हट्टी को ताजे फूलों के गुलदस्तों और सितारों से सजाया गया है। सुरजीत सिंह ने स्वयं बाजार जाकर सजावट का सामान खरीदा और बांस की बल्लियों से नानक दी हट्टी का निर्माण किया। 

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किसानों ने जीता कईयों का दिल
इस आंदोलन ने देश को कई चीजें एक साथ दिखाई है। किसानों के मन में गुस्सा पूरे उफान पर है, मगर उसके बावजूद उनके व्यवहार में नम्रता नजर आती है। कई लोगों को यहां लंगर का मुफ्त खाना और किसानों को पूरी सहूलियत के साथ मिल रहा ऐशो आराम नजर आता है।

मगर लाखों की तादाद में आए लोगों का अनुशासन, अपनी अपनी जिम्मेदारी का एहसास, भाईचारा, सहनशीलता और स्वाभिमान, जीत का जज्बा अलग-अलग धर्मों वर्गों पेशे के लोगों का एक साथ पूरे जोश और होश के साथ मिलजुल कर इस आंदोलन को अब तक पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से चलाना कईयों के लिए शोध का विषय भी बन सकता है। आंदोलन में आए युवाओं द्वारा आसपास के झुग्गी बस्तियों के बच्चों को पढ़ाने और रक्तदान कैंप में भी आसपास के लोगों के दिल लूट लिए हैं।  

कृषि कानूनों के कार्यन्वयन पर SC की रोक
बता दें सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को तीनों कृषि कानूनों पर अंतरिम रोक लगा दी है। इसके साथ ही इस कानून से संबंधित विवाद को हल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक कमेटी के गठन का भी निर्देश दिया है जो संबंधित पक्षों के विवादित मामलों की सुनवाई करेगी। कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि कोई ताकत उसे नए कृषि कानूनों पर जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए समिति का गठन करने से नहीं रोक सकती और उसे समस्या का समाधान करने के लिए कानून को निलंबित करने का अधिकार है।

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वहीं सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद भी केंद्र सरकार और किसानों के बीच जारी गतिरोध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने चाहे नए कृषि विवादित कानूनों को ठंडे बस्ते में डालकर पैनल गठित कर किसानों को अपनी बात उसके समक्ष रखने को कहा है। मगर किसानों ने पैनल के समक्ष जाने से साफ इंकार कर दिया।

इसके बारे में उनका मानना है कि पैनल में शामिल लोग इन कानूनों के हक में ही खुलकर बोलते हैं। सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने यह बात स्पष्ट भी कर दी है। ऐसे में केंद्र सरकार और राजधानी दिल्ली को करीब डेढ़ महीने से घिरे बैठे किसानों के बीच 15 जनवरी की प्रस्तावित नए दौर की बातचीत में भी इस मामले का कोई हल निकलता नहीं दिख रहा है।

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