Wednesday, Mar 03, 2021
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दिल्ली बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन जारी, मायावती बोलीं- कृषि कानूनों पर पुनर्विचार करे केंद्र

  • Updated on 11/29/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के नए कृषि कानूनों (Farm Laws) के खिलाफ किसानों का दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलन जारी है। गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को किसानों से दिल्ली (Delhi) के बुराड़ी में निरांकारी समागम मैदान में प्रदर्शन करने की अपील की। इसके बावजूद किसान प्रदर्शनकारी भारी संख्या में सिंघु और टिकरी बॉर्डर (Singhu-Tikri Border) पर डटे हुए हैं। गिने चुने ही किसान ही बुराड़ी के मैदान में पहुंचे हैं। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए बॉर्डर पर बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात है।

इस बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्‍यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्‍यमंत्री मायावती (Mayawati) ने कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों का रविवार को समर्थन करते हुए केंद्र सरकार को इन कानूनों पर पुनर्विचार करने की सलाह दी।

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मायावती ने केंद्र को दी सलाह
मायावती ने ट्वीट किया कि पूरे देश में किसान केंद्र सरकार द्वारा कृषि से संबंधित हाल में लागू किए गए तीन कानूनों को लेकर काफी नाराज हैं और इनके खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने ट्वीट किया, 'केंद्र सरकार किसानों की आम सहमति के बिना बनाये गये इन कानूनों पर अगर पुनर्विचार कर ले, तो बेहतर होगा।' बता दें कि दिल्ली की सीमाओं पर हजारों की संख्या में किसान जमे रहे, शनिवार दिन में उनकी संख्या बढ़ती गई क्योंकि काफी संख्या में किसान यहां और पहुंच गए और सैकड़ों किसान महानगर के बुराड़ी मैदान में इकट्ठे हुए और नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन किया।

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किसानों के समर्थन में सपा
बसपा के अलावा समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस समेत उत्‍तर प्रदेश में कई प्रमुख राजनीतिक दलों ने किसानों के आंदोलन का समर्थन किया है। पूर्व मुख्‍यमंत्री और सपा अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को किसानों के आंदोलन का समर्थन करते हुए पत्रकारों से कहा, 'किसानों पर इस तरह की लाठी किसी ने नहीं चलाई होगी और इस तरह का आतंकी हमला किसी सरकार ने नहीं किया होगा, जैसा भाजपा की सरकार में हो रहा है। ये वही लोग हैं, जिन्‍होंने किसानों से कहा था कि वे सत्‍ता में आने पर उनके सिर्फ कर्ज माफ नहीं करेंगे बल्कि पैदावार की कीमत देंगे और आय दोगुनी कर देंगे, लेकिन जबसे भाजपा सरकार आई है, तब से सबसे ज्‍यादा गरीब और किसान बर्बाद हुए हैं।'

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अमित शाह की किसानों से अपील
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को किसानों से अपील की कि वे अपना विरोध प्रदर्शन करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी के बुराड़ी मैदान में चले जाएं। साथ ही उन्होंने कहा कि किसानों के निर्धारित स्थल पर जाते ही केंद्र सरकार उनके साथ वार्ता करने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने उत्तरी दिल्ली के निरंकारी मैदान में पानी, शौचालय और चिकित्सा देखभाल की व्यवस्था की है ताकि किसानों को कोई असुविधा न हो और वे वहां लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपना प्रदर्शन कर सकें।

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सिंघु-टिकरी बॉर्डर पर डटे हैं किसान
गृह मंत्रालय के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप पर शाह की अपील को पोस्ट किया गया है। यह अपील हिंदी में की गई है। शाह ने अपनी अपील में कहा, 'पिछले कुछ दिनों से, पंजाब और हरियाणा तथा देश के कुछ अन्य हिस्सों के किसान दिल्ली की सीमा पर आए हुए हैं। किसान कल से ही दिल्ली की सीमा के पास दो प्रमुख राजमार्गों पर इकट्ठा हो गए हैं। किसानों को भारी ठंड के कारण काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अन्य लोगों को भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।'

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केंद्र बातचीत को तैयार- शाह
उन्होंने कहा, 'इसलिए, हमारे किसान भाइयों से मेरी विनम्र अपील है कि सरकार ने दिल्ली के बुराड़ी में आपके लिए उचित व्यवस्था की है, जहां आप अपना प्रदर्शन कर सकते हैं।' शाह ने कहा कि किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल को उनकी समस्याओं पर विस्तृत बातचीत के लिए केंद्र सरकार की ओर से 3 दिसंबर को आमंत्रित किया गया है। 

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