Monday, Nov 29, 2021
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किसान आंदोलन पर विपक्षी दलों की राष्ट्रपति संग बैठक, दिग्विजय बोले- कोई उम्मीद नहीं

  • Updated on 12/9/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। नए कृषि कानूनों (New farm laws) को लेकर आज किसानों को समर्थन दे रहे विपक्षी दल राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद (Ramnath Kovind) के साथ बैठक करने वाले हैं, वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh)का कहना है कि इस मामले में राष्ट्रपति क्या कर लेंगे। जबकि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी खुद इस मामले में अन्य विपक्षी दलों के साथ राष्ट्रपति से आज मिलने वाले हैं। 

दिग्विजय सिंह का कहना है कि मोदी जी को अपनी जिद छोड़ देनी चाहिए। किसानों की बात है, ऐसी जिद किसी के लिए भी सही नहीं है। तीनों कानूनों को निरस्त किया जाना चाहिए। संयुक्त संसदीय समिति बनाई जाए, जो किसानों से बात करने के बाद इसका हल निकालेगी। 

दिग्विजय सिंह ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर लिखा है कि राष्ट्रपति जी से किसान विरोधी कानून को वापस लेने के लिए 24 राजनैतिक दलों का डेलीगेशन आज मिलने जा रहा है। मुझे महामहिम जी से कोई उम्मीद नहीं है। इन 24 राजनैतिक दलों को NDA में उन सभी दलों से भी चर्चा करना चाहिए जो किसानों के साथ हैं। नितीश जी को मोदी जी पर दबाव डालना चाहिए। 

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विपक्षी दल करेंगे राष्ट्रपित से मुलाकात
बता दें कि विपक्ष के तमाम नेता कृषि कानूनों और किसान आंदोलन को लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलने वाले हैं। एनसीपी प्रमुख शरद पवार के साथ ही कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी इन नेताओं में शामिल रहेंगे। विपक्ष ने संसद में इन कानूनों को पारित होते वक्त भी विरोध किया था और राष्ट्रपति से विधेयक पर हस्ताक्षर करने से मना किया था। 

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पीएम मोदी ने बुलाई कैबिनेट बैठक
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार यानी आज सुबह कैबिनेट की बैठक बुलाई है। सूत्रों की मानें तो बैठक का एजेंडा नए कृषि कानून और किसान आंदोलन है। गतिरोध खत्म करने के लिए सरकार बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रही है। वह कानूनों में कुछ संशोधन कर सकती है। फिर भी अगर किसान अपनी बात पर अड़े रहे तो संभव है कि कोई अहम फैसला सरकार की ओर से लिया जा सकता है। हालांकि कानून को वापस लेने का संकेत कहीं से भी अब तक नहीं मिला है। लेकिन संभव है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद की गांरटी देने पर सरकार फैसला ले ले।

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