Sunday, Apr 18, 2021
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रेल रोको आंदोलन: पंजाब, हरियाणा में ट्रेन की पटरियों के पास जमा हुए किसान

  • Updated on 2/18/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों (Farm Laws) के विरोध में जारी किसान आंदोलन आज 85वें दिन में प्रवेश कर गया है। नए कानून के मुद्दे पर अपनी मांगों को लेकर अड़े किसानों का रेल रोको आंदोलन शुरू हो गया है। मिल रही जानकारी के अनुसार अंबाला में बड़ी संख्या में किसान पटरियों पर बैठ गए हैं। दिल्ली- NCR के आसपास भी किसानों के रेलवे ट्रैक पर उतरने की सूचना है। रेल रोको आंदोलन  को देखते हुए दिल्ली  मेट्रो ने टिकरी बॉर्डर के आसपास के सेटेशन बंद कर दिए हैं। 

केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में ‘रेल रोको’ प्रदर्शन के तहत पंजाब और हरियाणा में बृहस्पतिवार को किसान कई जगहों पर ट्रेन की पटरियों के पास एकत्र हो गए हैं। एहतियात के तौर पर अधिकारी ट्रेनों को स्टेशनों पर रोक रहे हैं।   

22 जगहों पर ट्रेन की पटरियां अवरुद्ध करने का प्लान
किसान आंदोलन के प्रमुख संगठन संयुक्त किसान मोर्चा ने कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग के लिए दबाव बनाने को लेकर 18 फरवरी को दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक ‘रेल रोको’ का आह्वान किया था। भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्रहान) के महासचिव सुखदेव सिंह कोकरीकलां ने बताया कि संगठन के सदस्य पंजाब के नाभा, मनसा, बरनाला, बठिंडा, फिरोजपुर, जालंधर और तरन तारन सहित 22 जगहों पर ट्रेन की पटरियां अवरुद्ध करेंगे।

उत्तर रेलवे के फिरोजपुर डिवीजन ने लिया ये फैसला
अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा और पंजाब दोनों राज्यों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और सरकारी रेलवे पुलिस तथा राज्य पुलिस बल के कर्मियों को तैनात किया गया है। उत्तर रेलवे के फिरोजपुर डिवीजन ने ट्रेनों को स्टेशन पर ही रोकने का फैसला लिया है ताकि यात्रियों को ‘रेल रोको’ आह्वान के कारण परेशानी ना उठानी पड़े। अधिकारियों ने बताया कि किसानों के ‘रेल रोको’ आह्वान के कारण ट्रेनें देरी से चल सकती हैं। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन समाप्त होने के बाद सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए ट्रेन सेवा पुन:बहाल की जाएगी।

हरियाणा में रेलवे पुलिस के अलावा राज्य पुलिस के र्किमयों को भी बड़ी संख्या में प्रदर्शन स्थलों और विभिन्न स्टेशनों पर तैनात किया गया है। अंबाला डिवीजन के संभागीय प्रबंधक जी. एम. सिंह ने बताया कि ‘रेल रोको’ आह्वान के कारण कोई ट्रेन रद्द नहीं हुई है। हरियाणा के भिवानी जिले के एक किसान नेता ने बताया कि सिवानी और लोहारू सहित चार जगहों पर जिले में ट्रेन की पटरियां अवरुद्ध की जाएंगी।

अंबाला में किसान अंबाला कैंट स्टेशन से करीब दो किलोमीटर दूर शाहपुर गांव में पटरियों के पास एकत्र हुए। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे के बीच अंबाला कैंट स्टेशन से होकर चार ट्रेनें गुजरने वाली हैं।अंबाला से भारतीय किसान यूनियन के नेता गुलाब सिंह मानकपुर ने कहा कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण होंगे। 

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रेलवे सुरक्षा विशेष बल की अतिरिक्त तैनाती
बता दें कि किसान आंदोलन के चलते एक और जहां कई रेलगाड़ियां पहले ही रद्द है और कुछ रेलगाड़ियों को उनके गंतव्य स्टेशनों से पहले रोका जा रहा है, वहीं अब वीरवार को किसानों ने केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ 12:00 से 4:00 के बीच रेल रोको अभियान का आव्हान किया है इस अभियान के मद्देनजर उत्तर रेलवे ने पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए रेलवे सुरक्षा विशेष बल की अतिरिक्त तैनाती की है।

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रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों ने कही ये बात
रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों के मुताबिक हम जिला प्रशासन के साथ संपर्क बनाए रखेंगे और नियंत्रण कक्ष बनाए हैं खुफिया सूचनाओं पर जहां सतर्कता बरती जा रही है, वहीं पंजाब हरियाणा उत्तर प्रदेश दिल्ली के आसपास ज्यादा ध्यान दिया जाएगा रेलवे सुरक्षा बल के एक अधिकारी ने कहा कि हम किसानों से अपील करेंगे कि यात्रियों को कोई असुविधा ना हो और यह अभियान शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो जाए संयुक्त किसान मोर्चा ने ऐलान किया है कि देश भर में दोपहर 12:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक लोगों की आवाजाही को अवरुद्ध किया जाएगा।

जानें कब से कब तक चलेगा अभियान
किसान नेता राकेश टिकैत ने बताया कि,  18 फरवरी को रेल रोको अभियान 12 बसे से लेकर शाम के 3-4 बजे तक रहेगा। उन्होंने कहा, हम तो रेल चलाने की बात कर रहे हैं। अगर रेल रोकेंगे तो संदेश देंगे कि रेल चले। गांव के लोग अपने हिसाब से रेल रोको अभियान का संचालन कर लेंगे।

मागें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
मालूम हो कि केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन बीते 84 दिनों से लगातार जारी है। नए कानून के मुद्दे पर केंद्र और किसान संगठनों के बीच अब तक 11 दौर की वार्ता भी हो चुकी है, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका है। ऐसे में अब किसान इस आंदोलन को तब तक जारी रखना चाहते हैं जब तक कि सरकार उनकी सारी मांगो को नहीं मान लेती और कानूनों को वापस नहीं कर लेती। इस क्रम में आंदोलन को रफ्तार देने के लिए किसान नेता राकेश टिकैत ने कल रेल रोको अभियान का ऐलान कर दिया है।

यात्रियों को चाय नाश्ता कराने का प्लान
रेल रोको अभियान को लेकर भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि रेल केवल स्टेशनों पर ही रोकी जाएगी, बीच रास्ते में किसी भी रेल को रोका नहीं जाएगा। 18 फरवरी को दोपहर 12 बजे से शाम 4 से 5 बजे तक रेल रोको अभियान चलेगा। टिकैत ने बताया कि किसान इंजन पर फूल चढ़ाकर रेल रोकेंगे और 3-4 घंटे के लिए जब तक रेल रुकेगी उस दौरान रेल में बैठे यात्रियों को किसानों द्वारा चाय नाश्ता करवाया जाएगा। वहीं रेल में बैठे यात्रियों को देश में बढ़ रही महगांई के बारे में भी बताया जाएगा। इसके साथ ही किसान जिन समस्याओं का सामना कर रहे हैं उनसे भी यात्रियों को अवगत करवाया जाएगा। 

गांव के किसान रोकेंगे रेल
टिकैत ने रेल रोको अभियान की रणनीति साझा करते हुए कहा कि यूपी गेट पर आंदोलनरत किसान यहीं प्रदर्शनस्थल पर रुकेंगे। अन्य किसान अपने-अपने गांवों से नजदीकी रेलवे स्टेशन पहुंचेंगे। वहां पहुंच ये लोग 12 बजे से रेल रोकेंगे। रेल रोकने से पहले किसान इंजन पर फूल माला चढ़ाएंगे। इसके बाद यात्रियों को चाय-नाश्ता दिया जाएगा। यात्रियों के लिए खाने-पीने का सामान किसान अपने गांव से लेकर आएंगे। 

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