Monday, Sep 25, 2023
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टूलकिट मामले में धालीवाल की सहयोगी अनिता लाल का नाम आया सामने, जानें इनके बारे में सबकुछ

  • Updated on 2/17/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। किसान आंदोलन (Farmers Protest) से जुड़े टूलकिट (Toolkit) मामले में 7वें आरोपी के रूप में धालीवाल की सहयोगी अनिता लाल (Anita Lal) का नाम सामने आ रहा है। पुलिस की बात पर भरोसा करें तो टूलकिट तैयार करने में अनीता भी शामिल रही है। टूल किट बनाने और उसको इंटरनेशनल लेवल पर भेजने के लिए दिशा रवि ने इंटरनेशनल फार्मर स्ट्राइक के नाम से अपना व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था।

स्वीडन की ग्रेटा थनबर्ग में जब टूलकिट को ट्वीट कर दिया तो दिशा ने यूएपीए कानून के डर से आनन-फानन में ट्वीट डिलीट करके सबूत नष्ट करना शुरू कर दिए। इसी कड़ी में व्हाट्सएप ग्रुप को भी डिलीट कर दिया गया। हालांकि तब तक सुरक्षा एजेंसियों को इन लोगों के डिजिटल फुटप्रिंट हाथ लग चुके थे।

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कौन है अनिता लाल?
अनिता लाल कनाडा के वैंकूवर की रहने वाली है। अनिता लाल पोएटिक जस्टिस के संस्थापक मो धालीवाल की सहयोगी हैं। इन्हें पोएटिक जस्टिस की सह-संस्थापक बताया जा रहा है। ये इस संस्था की कार्यकारी निदेशक भी हैं। माना जाता है कि लाल खालिस्तानी समर्थक मो धालीवाल की प्रमुख सलाहकार हैं।  

अनिता लाल के सोशल मीडिया अकाउन्टस् को देखने पर पता चलात है कि वो लगातार किसान आंदलोन को लेकर सक्रिय हैं। किसान आंदोनल और भारत के खिलाफ चल रहे हैशटैग का इस्तेमाल भी वो लगातार करती आ रही हैं। बताया जा रहा है कि धालीवाल के साथ टूलकिट गैंग की जूम में हुई मीटिंग में अनिता लाल भी शामिल थी। 

'भारत को बदनाम करने एक वेबसाइट चला रही अनिता लाल'
इतना ही नहीं धालीवाल के साथ मिलकर अनिता लाल किसान आंदोलन की आड़ में विदेशों में भारत को बदनाम करने के लिए एक वेबसाइट Ask India Why भी चला रही है।  जब पोएटिक जस्टिस पर टूलकिट से साथ होने के आरोप लगे तो इस संस्था ने जो बयान जारी किया उसमें धालीवाल के साथ अनिता लाल का नाम भी शामिल था। 

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निकिता जैकब और शांतनु मुकुल की तलाश में छापेमारी जारी
मंगलवार को पुलिस की टीमों ने निकिता जैकब और शांतनु मुकुल की तलाश में छापेमारी जारी रखी। साइबर सेल को पता चला कि वह 26 जनवरी की रैली से पहले शांतनु और दिशा दिल्ली में मौजूद थे। यहां पर उन्होंने उस दिन के पूरे घटनाक्रम को देखा। जबकि यह भी बताया जा रहा है कि दोनों टिकरी बॉर्डर पर भी थे। इसके बाद 27 जनवरी को दोनों दिल्ली से चले गए थे, जबकि इसके कई महत्वपूर्ण एविडेंस भी पुलिस के हाथ लगे हैं। जिसे लेकर आगे छानबीन की जा रही है। 

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