Sunday, Sep 19, 2021
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टूलकिट मामले में बड़ा खुलासा- शांतनु ने टिकरी बॉर्डर पर बिताए थे 8 दिन

  • Updated on 2/17/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। किसान आंदोलन (Farmers Protest) से जुड़े टूलकिट (Toolkit) मामले में दिल्ली पुलिस परत-दर-परत कई राज खोल रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार टूलकिट मामले के मुख्य आरोपी शांतनु मुकुल ने 20 से 27 जनवरी तक का समय टिकरी बॉर्डर पर आंदोलनकारी किसानों के साथ बिताया था। 

बताया जा रहा है कि शांतनु की मोबाइल लोकेश के जरिए इस बात का खुलासा हुआ है। आशंका है कि हिंसा के लिए उसने ही रणनीति बनाई हो। जिस दौरान वो टिकरी बॉर्डर पर था उस दौरान उसने किसान नेताओं के साथ एक सिक्रेट मीटिंग की थी। ये जानकारी सूत्रों के हवाले से दी जा रही है। अभी साइबर  सेल द्वारा इसकी आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं की गई है। 

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टूलकिट तैयार करने में अनीता भी शामिल
पुलिस की बात पर भरोसा करें तो टूलकिट तैयार करने में अनीता भी शामिल रही है। टूल किट बनाने और उसको इंटरनेशनल लेवल पर भेजने के लिए दिशा रवि ने इंटरनेशनल फार्मर स्ट्राइक के नाम से अपना व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था। स्वीडन की ग्रेटा थनबर्ग में जब टूलकिट को ट्वीट कर दिया तो दिशा ने यूएपीए कानून के डर से आनन-फानन में ट्वीट डिलीट करके सबूत नष्ट करना शुरू कर दिए।

इसी कड़ी में व्हाट्सएप ग्रुप को भी डिलीट कर दिया गया। हालांकि तब तक सुरक्षा एजेंसियों को इन लोगों के डिजिटल फुटप्रिंट हाथ लग चुके थे।

निकिता जैकब और शांतनु मुकुल की तलाश में छापेमारी जारी
मंगलवार को पुलिस की टीमों ने निकिता जैकब और शांतनु मुकुल की तलाश में छापेमारी जारी रखी। साइबर सेल को पता चला कि वह 26 जनवरी की रैली से पहले शांतनु और दिशा दिल्ली में मौजूद थे। यहां पर उन्होंने उस दिन के पूरे घटनाक्रम को देखा। जबकि यह भी बताया जा रहा है कि दोनों टिकरी बॉर्डर पर भी थे। इसके बाद 27 जनवरी को दोनों दिल्ली से चले गए थे, जबकि इसके कई महत्वपूर्ण एविडेंस भी पुलिस के हाथ लगे हैं। जिसे लेकर आगे छानबीन की जा रही है। 

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दिशा रवि को परिवार से बातचीत करने की अनुमति
उधर एक अदालत ने दिल्ली पुलिस से सोशल मीडिया पर एक ‘‘टूलकिट’’ साझा करने में संलिप्तता के लिए गिरफ्तार पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि को प्राथमिकी की एक प्रति और अन्य दस्तावेज मुहैया कराने तथा अपने परिवार से उन्हें बातचीत करने की अनुमति दे दी है। अदालत ने प्राथमिकी के अलावा पुलिस को गिरफ्तारी आदेश और हिरासत से जुड़े कागजात की प्रतियां भी मुहैया कराने का निर्देश दिया है। अदालत ने रवि को गर्म कपड़े, मास्क और किताबें मंगाने की भी अनुमति दे दी है। 

मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट पंकज शर्मा ने मंगलवार को रवि को पुलिस हिरासत के दौरान एक दिन में 15 मिनट के लिए अपने परिवार के सदस्यों से बातचीत करने और अपने वकील से 30 मिनट की मुलाकात करने की भी अनुमति दे दी है। अदालत ने एक याचिका पर यह आदेश दिया। रवि ने अपने वकील के जरिए यह याचिका दाखिल की थी। अदालत ने रविवार को रवि को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया था। 

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