Friday, May 14, 2021
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farmers rakesh tikait says price of yield fell 50 percent after new agriculture law rkdsnt

नया कानून आने के बाद 50 फीसद गिर गई उपज की कीमत: टिकैत

  • Updated on 12/31/2020

नई दिल्ली, (नवोदय टाइम्स)। चार में से दो मांगें माने जाने के बाद भी किसान दिल्ली की सीमा से हटने को तैयार नहीं। 35 दिनों से दिल्ली को घेरे बैठे किसानों ने एक बार फिर साफ कर दिया कि जब तक उनकी सारी मांगे मानी नहीं जाती, वे यहां से हटने वाले नहीं। उन्होंने कहा कि जब से नया कृषि कानून आया है, किसानों की उपज की कीमत 50 फीसद गिर चुकी है। इसीलिए हमारी प्रमुख मांग है कि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी सुरक्षा दे और इन कानूनों को निरस्त करे।

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जब तक सारी मांगें मानी नहीं जाती, आंदोलन जारी रहेगा
भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि उत्तरप्रदेश में नए कृषि कानून लागू होने के बाद उपज की कीमत 50 प्रतिशत गिर गयी। एमएसपी से कम पर उपज बेची जा रही है। धान की 800 रुपये प्रति ङ्क्षक्वटल पर बिक्री हो रही है।

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उन्होंने कहा कि जब तक मांगे नहीं मानी जाएंगी, तब तक हम दिल्ली छोडक़र नहीं जाएंगे। हम (दिल्ली) बॉर्डर पर ही नया साल मनाएंगे। पंजाब के किसान नेता बलदेव ङ्क्षसह सिरसा कहा कि नए कानूनों के लागू होने के बाद किसानों के साथ फर्जीवाड़ा बढ़ गया है। उन्होंने गुना और होशंगाबाद में हुए फर्जीवाड़े का जिक्र किया।

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कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले 35 दिनों से हजारों किसान राष्ट्रीय राजधानी की अलग-अलग सीमा पर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन में ज्यादातर पंजाब और हरियाणा के किसान हैं। सरकार का कहना है कि नए कृषि कानूनों से कृषि क्षेत्र में सुधार होगा और किसानों की आमदनी बढ़ेगी लेकिन प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों को आशंका है कि नए कानूनों से एमएसपी और मंडी की व्यवस्था ‘कमजोर’ होगी और किसान बड़े कारोबारी घरानों पर आश्रित हो जाएंगे।

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