Tuesday, May 21, 2019

बेटी के दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराने वाले पिता पर होगा केस

  • Updated on 5/15/2019

देहरादून/ब्यूरो। नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए पोक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कराने वाले पिता के खिलाफ ही केस दर्ज करने के आदेश दिए गए है। पोक्सो कोर्ट ने इस संबंध में एसएसपी निवेदिता कुकरेती को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए है। उत्तराखंड में यह पहला मामला है, जब पोक्सो कोर्ट ने मुकदमा दर्ज कराने वाले के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।

इस मामले में पिता ने पहले बेटी को नाबालिग बताते हुए आरोपी युवक के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा कराया था। बाद में सुनवाई के दौरान कोर्ट में अपने बयान से पलट गया। इतना ही नहीं, उसने आरोपी युवक के पक्ष में भी गवाही दे दी। कोर्ट ने आरोपी युवक को तो बरी कर दिया, लेकिन वादी पिता के खिलाफ मुकदमे के आदेश दिए।

राज्य में पोक्सो कोर्ट के आदेश पर वादी के खिलाफ होगा पहला मुकदमा

शासकीय अधिवक्ता भरत सिंह नेगी ने बताया है कि राज्य में पहली बार पोक्सो कोर्ट ने ऐसा आदेश दिया है जिसमें  बेटी के दुष्कर्म का मुकदमा लिखाने वाले वादी के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। 1 अक्टूबर 2015 को युवती के पिता ने डोईवाला थाने में मुकदमा दर्ज कराते हुए आरोप लगया था कि उसकी नाबालिग बेटी को आरोपी युवक बहला फुसलाकर भगा ले गया और दुष्कर्म किया। वादी की शिकायत पर पोक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।

आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भी भेजा गया। चार्ज शीट दाखिल हुई। लेकिन सुनवाई के दौरान वादी (युवती के पिता) ने अपने बयान बदल दिए। वहीं आरोपी युवक ललित ऊर्फ सोनू निवासी खानपुर लक्सर हरिद्वार के पक्ष में गवाही दे दी। विरोधाभाषी गवाही और बयान देते हुए बेटी को बालिग बता दिया। इसके बाद पोक्सो कोर्ट ने आरोपी युवक को बरी कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वादी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश एसएसपी को दिए। 

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