Monday, Jun 01, 2020

Live Updates: 68th day of lockdown

Last Updated: Sun May 31 2020 10:46 PM

corona virus

Total Cases

190,536

Recovered

91,621

Deaths

5,406

  • INDIA7,843,243
  • MAHARASTRA65,168
  • TAMIL NADU22,333
  • NEW DELHI19,844
  • GUJARAT16,794
  • RAJASTHAN8,831
  • MADHYA PRADESH8,089
  • UTTAR PRADESH8,075
  • WEST BENGAL5,501
  • BIHAR3,565
  • ANDHRA PRADESH3,461
  • KARNATAKA2,922
  • TELANGANA2,499
  • JAMMU & KASHMIR2,341
  • PUNJAB2,233
  • HARYANA1,923
  • ODISHA1,819
  • ASSAM1,217
  • KERALA1,209
  • UTTARAKHAND749
  • JHARKHAND563
  • CHHATTISGARH447
  • HIMACHAL PRADESH313
  • CHANDIGARH289
  • TRIPURA254
  • GOA70
  • MANIPUR60
  • PUDUCHERRY57
  • NAGALAND36
  • ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS33
  • MEGHALAYA27
  • ARUNACHAL PRADESH3
  • DADRA AND NAGAR HAVELI2
  • DAMAN AND DIU2
  • MIZORAM1
  • SIKKIM1
Central Helpline Number for CoronaVirus:+91-11-23978046 | Helpline Email Id: ncov2019 @gov.in, ncov219 @gmail.com
fdi  indian currency money forien currency

जुलाई में भारतीयों ने अब तक की सबसे अधिक राशि विदेश भेजी

  • Updated on 9/18/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। एक तरह जहां सरकार प्रत्यक्ष विदेशी निवेशकों (FDI) के साथ-साथ विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) को आकृषित करने का प्रयास कर रही है, वहीं भारतीयों ने इस साल जुलाई महीने में उदारीकृत प्रेषण योजना (LRS) के तहत 1.69 अरब डॉलर की सबसे अधिक मासिक रकम बाहर भेजी है। 

चीन बॉर्डर के करीब सैन्य ताकत में इजाफा

एलआरएस स्कीम के तहत वित्त वर्ष 2019-20 के पहले 4 महीनों में 5.8 अरब डॉलर विदेश भेजा जा चुका है। वहीं मई 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार के आने के बाद से अब तक 45 अरब डॉलर (एक डॉलर के मुकाबले 70 रुपए के विनिमय दर से 3.15 लाख करोड़ रुपए) से ज्यादा विदेशों में भेजे जा चुके हैं। मोदी सरकार की तुलना में यूपीए के दूसरे कार्यकाल के दौरान 5 सालों (अप्रैल 2009-मार्च 2014) में विदेश भेजी गई कुल एलआरएस राशि 5.45 अरब डॉलर थी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपना जन्मदिन गुजरात में बनाया

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के एलआरएस के तहत किसी भारतीय को एक वित्त वर्ष में रोजगार के लिए विदेश जाने, विदेशों में पढ़ाई, इलाज, रिश्तेदारों को पैसे भेजने जैसी सुविधाओं के तहत अढ़ाई लाख डॉलर बाहर भेजने का अधिकार है। आरबीआई के आंकड़े दिखाते हैं कि पिछले पांच साल में एलआरएस के तहत 14 बिलियन डॉलर की रकम केवल यात्रा पर विदेश में खर्च की गई जबकि लगभग 10.5 अरब डॉलर की रकम करीबी रिश्तेदारों की देखभाल करने और 10 अरब डॉलर की रकम पढ़ाई के लिए भेजी गई। बाकी के 4.8 अरब डॉलर की रकम उपहार के रूप में जबकि 1.9 अरब डॉलर की रकम विदेशों में इक्विटी और ऋण में निवेश के लिए खर्च की गई। 

PM मोदी की पत्नी जशोदाबेन से मिली ममता, दोनों के बीच हुई बातचीत

पिछले 5 सालों में एलआरएस के तहत बाहर जितनी राशि भेजी गई उसने उसी दौरान एफपीआई के तहत देश में आने वाली रकम को शून्य कर दिया। जहां अप्रैल 2014 से अब तक एफपीआई ने 1,76,212 करोड़ रुपए की कुल राशि भारतीय इक्विटीज में निवेश की, वहीं उन्होंने उसी दौरान ऋण बाजार में 2,60,017 करोड़ की राशि निवेश की।  

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.