Wednesday, Feb 19, 2020
finally rajiv kumar had to surrender in court

आखिरकार राजीव कुमार को करना पड़ा कोर्ट में सरेंडर

  • Updated on 10/3/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कोलकाता (kolkata) के पूर्व पुलिस आयुक्त राजीव कुमार (rajeev kumar) ने आज अदालत में सरेंडर कर दिया है। उन्होंने पश्चिम बंगाल (west bengal) के अलीपुर अदालत में सरेंडर किया फिर जमानत राशि जमा करने के बाद उन्हें जमानत भी मिल गई है। उन्होंने  पचास-पचास हजार रुपये की दो जमानत राशि जमा की थी। 

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सीबीआई की टीम कुमार की कर थी तलाश
मालूम हो कि राजीव कुमार  शारदा चिटफंड घोटाला मामले में अदालत से जमानत लिया है। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि अगर कुमार जमानत राशि जमा कर देता है तो सीबीआई उसे गिरफ्तार फिलहाल नहीं कर सकती है। हालांकि पिछले 20 दिन से सीबीआई राजीव कुमार की तलाश में छानबीन भी की थी। इससे पहले 13 सितंबर को जब उच्च न्यायालय ने राजीव कुमार को झटका देते हुए गिरफ्तारी से रोक लगाने की अर्जी को खारिज कर दिया था। उसके बाद से ही कुमार फरार हो गया था। उनकी तलाश में सीबीआई की एक टीम लगातार कोलकाता के आसपास क्षेत्रों में तलाश रही थी। लेकिन अब अलीपुर अदालत ने उन्हें राहत दे दी है।   

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शारदा चिटफंड के आरोपियों को बचाने का आरोप है राजीव कुमार पर
असल में ममता सरकार ने राजीव कुमार को शारदा समूह की कंपनियों में लोगों के साथ धोखाधड़ी की जांच के लिये गठित टीम का सदस्य बनाया था। शारदा समूह पर आरोप है कि लाखों लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया। जिससे निवेशकों के 2500 करोड़ रुपये डूब गए थे। लेकिन जांच करते समय कुमार की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई थी। इसी सिलसिले में सीबीआई ने कुमार से शिलांग में पूछताछ की थी। 

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जब सीएम ममता बैठी धरना पर...
लेकिन पूछताछ से पहले काफी राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला जब सीबीआई राजीव कुमार को गिरफ्तार करने कोलकाता के उनके आवास पर पहुंची तो सीएम ममता बनर्जी ने उन्हें बचाने के लिये धरने पर बैठ गई थी। जिसके बाद ही अदालत के हस्तक्षेप से शिलांग में राजीव कुमार से पूछताछ हो पाई।  

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