Wednesday, Jan 26, 2022
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FIR should be made in case of non-deposit of Rs 14 crore of Jal Board: BJP

जल बोर्ड का 14 करोड़ रुपया जमा न होने के मामले में एफआईआर हो:भाजपा

  • Updated on 9/20/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भाजपा ने जल बोर्ड का 14 करोड़ रुपये जमा न होने का आरोप लगाया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता और नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने इस मामले में प्रेस वार्ता कर कहा कि जुलाई 2012 में दिल्ली जल बोर्ड और तत्कालीन कारपोरेशन बैंक  (अब यूनियन बैंक) के बीच  बिल को जमा करने के लिए एक करार किया गया। इसके तहत लोग अपने पानी के बिल बैंक में जमा कर सकते हैं।

अन्य कंपनी फ्रेश पे के हवाले कर दिया 

इस करार को उसी दिन बैंक ने एक अन्य कंपनी फ्रेश पे के हवाले कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में जल बोर्ड के मंत्री सत्येन्द्र जैन और राघव चड्ढा की सीधी जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने इसकी  जांच कराए जाने और एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।

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आदेश गुप्ता और रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि बैंक ने फ्रेश पे कंपनी से 1.25 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी भी मांगी जो कि मूल करार में नहीं है। उन्होंने कहा कि हैरानी की बात यह है कि इस फ्रेश पे कंपनी ने भी पैसे एकत्र करने की जिम्मेदारी आगे एक और कंपनी एरम ई पेमेंट को दे दी। इस तरह मूल करार तीसरे कंपनी को सबलेट कर दिया गया।

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गुप्ता ने कहा कि जून 2020 में जल बोर्ड ने बैंक से कहा कि उसने 14.41 करोड़ रुपये कम जमा कराए हैं। बैंक ने 1.12 करोड़ रुपए जमा करने की जानकारी दी लेकिन यह राशि भी जल बोर्ड के खाते में जमा नहीं हुई। इस तरह से जल बोर्ड का 14.41 करोड़  रुपये गबन कर लिया गया।

कोई कार्रवाई नहीं की 

गुप्ता और बिधूड़ी ने प्रवक्ता हरीश खुराना व आदित्य झा के साथ संयुक्त रूप से कहा कि लेकिन दिल्ली सरकार और दिल्ली के मुख्यमंत्री ने इस बारे में किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की। गुप्ता और बिधूड़ी ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाने और मामले की सीबीआई जांच करवाने की मांग की है। 

 

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