Tuesday, Oct 19, 2021
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five thousand crore loss to china on rakshabandhan musrnt

रक्षाबंधन पर चीन को पांच हजार करोड़ की चपत, खूब बिकी हिन्दुस्तानी राखी

  • Updated on 8/23/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कोरोना के बावजूद पिछले वर्ष की तरह इस बार भी रक्षाबंधन का त्योहार बेहद उत्साह के साथ देश भर में मनाया गया और खास बात रही कि व्यापारियों के आव्हान का पर दिल्ली सहित देश भर में बाजारों में चीनी राखी या चीन का राखी का सामान नजर नहीं आया। वहीं लोगों ने भी चीनी राखियों का बहिष्कार किया।

व्यापारियों की संस्था कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया व राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने बताया की इस वर्ष हिन्दुस्तानी राखी के आह्वान के तहत देश के 40 हजार से ज्यादा व्यापारी संगठनों ने देश भर के सभी शहरों में कैट के व्यापारी नेताओं ने बीते एक महीने में घरों में काम करने वाली महिलाएं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्लम बस्तियों में रहने वाली निचले वर्ग की महिलाओं सहित ऐसे लोग जिनका कोरोना के कारण रोजगार बंद हो गया था इनसे हिन्दुस्तानी सामान से बनी राखियां बड़ी संख्यां में बनवाई।

इसमें विशेष रूप से आजादी अमृत महोत्सव राखी, अक्साई चीन हमारा है के सन्देश वाली राखी, जय हिन्द राखी आकर्षण का केंद्र रहीं और भारतीय राखियों के कारण इस वर्ष चीन को 5 हजार करोड़ से ज्यादा के राखी कारोबार से देश भर के व्यापारियों ने बड़ी चोट दी है।

देश में लगभग 50 करोड़ राखियों की मांग होती है और इस बार नागपुर में खादी से, जयपुर में सांगानेरी कला की राखी, पुणे में खेती के बीज, मध्य प्रदेश के सतना में ऊन, झारखंड के जमशेदपुर में आदिवासी वस्तुओं से, आसाम के तिनसुकिया में चाय की पत्तियों, कोलकाता में जूट, मुंबई में सिल्क, केरल में खजूर, कानपुर में मोती और बुंदों, बिहार में मधुबनी एवं मैथिली कला, पॉन्डिचेरी में स्टोन, बंगलौर में फूलों की राखी बनाई गईं। 

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